झिंझाना। क्षेत्र के गांव बिड़ौली सादात में मातमी जुलूस निकाला गया।
रविवार को सबसे पहले मजलिस का आगाज किया गया। मौलाना आसिम बाकरी ने मजलिस को खिताब फरमाया। उन्होंने कहा कि रसूल के कुनबे ने करबला के मैदान में कुर्बानी देकर बता दिया कि इस्लाम जिंदा है। उन्होंने कुर्बानी देकर इस्लाम को बचाया। इस दिन इमाम हुसैन के फरजंद हजरत अली अकबर की शहादत ब्यान की गई। मजलिस के दौरान शिया सोगवार जार जार रोते रहे। वहीं, वसी हैदर, नफीस शाह, कमर अब्बास, जिया मेहंदी ने मरसिया खानी की। शौकीन हुसैन, नन्हे मियां, वसी हैदर, हसन अली, शहजाद शाह, जिया मेहंदी आदि ने नोहेखानी की। पूर्व प्रधान फजले अली अच्छू मियां के यहां से शुरू होकर मातमी जुलूस इमाम बारगाह में पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस भी सक्रिय रही। इस दौरान कमर रजा, नासिर अली, हुसैन अल्वी, जव्वाद अली, गुलाम अली, सज्जाद मेहंदी, समर रजा, हामिद शाह, मन्नत मियां, खालिद शाह, अब्बास मियां, महताब मेहंदी, आफताब, फराज, कादिर अली, बाकर, मंसूर शाह आदि शामिल रहे।