कैराना। यमुना का जलस्तर घटने से आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने राहत महसूस की है। सोमवार को यमुना का जलस्तर घट कर 230 मीटर पर पहुंच गया।
कई दिनों से पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में बारिश के चलते शुक्रवार को यमुना में 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद शनिवार को 37 हजार क्यूसेक तथा रविवार को 12 हजार क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। रविवार को यमुना चेतावनी बिंदु 230 मीटर से ऊपर तथा खतरे के निशान के करीब 230.44 मीटर पर बह रही थी। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर यमुना के तटवर्ती गांव पठेड, बसेडा, खुरगान, मंडावर, सहपत, मामौर, नंगला राई आदि के ग्रामीणों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा गया था। वहीं, रविवार रात से ही यमुना का जलस्तर घटना शुरू हो गया था। सोमवार सुबह नौ बजे यमुना का जलस्तर 230.10 मीटर था। वहीं सोमवार शाम चार बजे यमुना का जलस्तर और घटकर 230 मीटर रह गया, जिसके चलते ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सिंचाई विभाग के बेलदार राजकुमार शर्मा ने बताया कि अभी और पानी छोड़े जाने की कोई सूचना नहीं है।