शामली। मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा की गई। समीक्षा में पता चला कि जिले में 891 अति कुपोषित, 2499 कुपोषित बच्चे हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी बाबर खान ने किया। बैठक में पोषण ट्रैकर पर दक्षता मापन, पुष्टाहार वितरण की समीक्षा की गई, जिसमें दिसम्बर-2023 में दक्षता मापन 99.12 प्रतिशत, पुष्टाहार वितरण 77.10 प्रतिशत पाया गया। पोषण ट्रैकर पर विगत तीन माह में दक्षता मापन में माह अक्तूबर-2023 में 99.23 प्रतिशत, नवबर-2023 में 99.32 प्रतिशत एवं दिसंबर-2023 में 99.12 प्रतिशत पाया गया। इसके उपरांत नैफेड द्वारा पुष्टाहार आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा की गई। जिसमें माह दिसंबर-2023 की डीआई के अनुसार बाल विकास परियोजना कैराना में दिसंबर-2023 का पुष्टाहार आपूर्ति एवं वितरण हो गया है। बाल विकास परियोजना कांधला, शामली, थानाभवन एवं ऊन में माह दिसंबर-2023 की आपूर्ति अभी तक नहीं की गई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 84080 बच्चों में से 891 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी एवं 2499 बच्चे कुपोषित श्रेणी के चिह्नित किए गए हैं। माह दिसंबर-2023 में 857 आंगनबाड़ी कायर्कत्रियों, 800 सहायिकाओं एवं 29 मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कार्य के सापेक्ष प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृति 29 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के लिए कार्यदायी संस्था क्षेत्र पंचायत एवं पीडब्ल्यूडी द्वारा निमार्ण कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जल्द निमार्ण शुरू करने के निर्देश दिए गए।