शामली। दिवंगत सांसद बाबू हुकुम सिंह की रस्म तेेरहवीं पर क्षेत्र के लोगों ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को ज्ञापन देकर उनके अधूरे कार्यों को पूरा कराने की मांग की। ऊन तहसील संघर्ष समिति के तेजपाल गुर्जर और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि स्वर्गीय सांसद हुकुम सिंह ने हमेशा गरीब, किसानों, व्यापारियों, छात्र छात्राओं के हित में कार्य किए। उन्होंने क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज और बिजली घरों की स्थापना कराकर क्षेत्र का विकास किया है। उन्होंने बताया कि अभी भी बाबू हुकुम सिंह के कई सपने अधूरे रह गए है। उनकी यादगार के लिए इन कार्यों को पूरा करना बहुत ही जरुरी है। ताकि उनको सच्ची श्रद्घांजलि मिल सके। इसमें ऊन तहसील क्षेत्र में बाबू हुकुम सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय, राजकीय कॉलेज हथछौया, बीवीपुर, चौसाना में राजकीय इंटर कॉलेज और आईटीआई उनके नाम से बनवाकर बाबूजी का नामकरण किया जाए। इसके लिए जमीन भी उपलब्ध है। पशुचर की भूमि पर पौधे लगाकर गोवंश का उत्थान एवं पर्यावरण को बचाया जाए और खेल स्टेडियम की उनके नाम से स्थापना कराई जाए। वहीं ऊन ब्लाक के अंतर्गत सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटवाकर प्रस्तावित 420 केवी के विद्युत उपकेंद्र की स्थापना कराकर औद्योगिक जोन बनाया जाए। इसके साथ ही सहारनपुर के सरसावा, नकुड़, गंगोह और ब्लाक शामली, ऊन व कैराना का जलस्तर गिरने पर डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। जिसके निदान के लिए बाबू हुकुम सिंह ने अथक प्रयास कर काठा नदी को पुन: जीवित कर नदी को नहर का दर्जा दिलाने का बीड़ा उठाया था। जिसके प्रस्ताव पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से बाबूजी की अगुवाई में प्रयास शुरू हो गया था। उक्त नदी प्रोजेक्ट को किसान एवं जनहित में पूरा किया जाएं। वहीं क्षेत्र में उनके नाम से पार्क बनवाकर उनकी मूर्ति स्थापित कराई जाए। वहीं उनके द्वारा स्थापित निर्माणाधीन सड़कों एवं जनहित विकास कार्यों का नाम भी उनके नाम पर रखा जाए। यहीं बाबू हुकुम सिंह के लिए सरकार की सच्ची श्रद्घांजलि कहलाएगी। पत्र सौंपने वालों में रवि सिरोही, जयवीर सिंह कुड़ाना, राकेश कुमार तोमर, लोकेश कुमार सिंभालका, श्रवण प्रधान हथछौया, सत्यपाल प्रधान खेडाभाऊ आदि मौजूद रहे।