विशेष फलदायी है श्रावण में शिव पूजा
शामली। पंडित कुशलानंद जोशी के अनुसार श्रावण मास में भगवान आशुतोष का पूजन और जलाभिषेक करने से बीमारियों, कर्ज, मांगलिक दोष और शनि के प्रकोप से छुटकारा मिलता है। देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु शेषनाग पर चार मास के लिए निंद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान भगवान आशुतोष पर संसार की सभी व्यवस्थाओं का भार आ जाता है। श्रावण मास के सोमवार को उपवास, पूजन, जलाभिषेक विशेष फलदायी है। इससे परिवार में सुख समृद्धि आती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रावण में प्रतिदिन अथवा प्रत्येक सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद दूध, घी, शहद, गुड़, गंगाजल के पंचामृत से तांबे के लोटे से जलाभिषेक करना चाहिए। बेलपत्र, फूल, फल अर्पित करके ओम नम: शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। जलाभिषेक सुबह पांच बजे तक आठ बजे तक किया जा सकता है।