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ोकैराना लोक सभा उपचुनाव 201

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कम वोटिंग भाजपा प्रत्याशी को ले डूबी
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शामली। पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार कैराना लोकसभा उपचुनाव में समीकरण बदल गए। कम वोटिंग भाजपा के लिए नुकसानदायक रहा। आखिर भाजपा चुनाव हार गई। कैैराना लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन की संयुक्त प्रत्याशी तबस्सुम बेगम शुरूआती दौर में बढ़त लेकर चलीं और अंतिम दौर तक बढ़त को बरकरार रखा। किसी भी राउंड में भाजपा प्रत्याशी मृंगाका सिंह गठबंधन प्रत्याशी की बढ़त रोकने में कामयाब नहीं हो पाईं। आखिर तक भाजपा प्रत्याशी मृंगाका सिंह पिछड़ती गईं और उपचुनाव हार गईं। ज लोकसभा चुनाव 2014 में कैैराना लोकसभा में 15,29 518 मतदाता में से 11. 17 737 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। शामली जिले की कैराना, शामली, थानाभवन विधानसभा में 90 प्रतिशत से अधिक 12 मतदान स्थलों पर वोटिंग हुई थी। 377 मतदान स्थलों पर 75 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। वर्ष 2017 के विधानसभा के मतदान पर के आंकड़ों पर नजर डाले तो 90 प्रतिशत से अधिक मतदान करने वाले मतदान स्थल 12 के स्थान पर सात मतदान स्थल रह गए थे, जबकि 75 प्रतिशत से अधिक मतदान करने वाले 377 मतदान स्थलों से घटकर 207 मतदान स्थल रहे गए। पिछले तीन सालों में 170 मतदान स्थलों में वोटिंग में पिछड़ गई। कैराना लोकसभा उपचुनाव 2018 में कुल मतदाताओं की संख्या 16,12, 941 मतदाता हैं। पिछले चार सालो में कैैराना लोकसभा में 83, 423 मतदाताओं का इजाफा हुआ। 28 और 30 मई को हुए कैराना लोकसभा उपचुनाव में कुल मतदान 56 प्रतिशत पर सिमट गया, जबकि कैैराना लोकसभा चुनाव 2014 में 73 प्रतिशत मत लेकर भाजपा के हुकुम सिंह को 5 लाख 65 हजार मत लेकर विजयी हुए थे। वह लोकसभा की शामली, कैराना, थानाभवन, गंगोह व नुकड़ आदि सभी विधानसभा में बढ़त लेकर चले थे और भारी मतों से विजयी हुए थे। इस बार कैराना लोकसभा उपचुनाव में वर्ष 2014 की तुलना में जहां 17 प्रतिशत मतदान भाजपा के पक्ष में कम हुआ है। कम वोटिंग के चलते भाजपा प्रत्याशी मृंगाका सिंह चुनाव हार गईं। भाजपा पहले राउंड के नतीजों में पिछड़ना शुरू होगई थी। आखिर राउंड में पिछड़ती चली गई।
इंद्रपाल सिंह पांचाल
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