कैराना। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने शिवालयों में जाने के लिए शिवभक्तों का रैला लगा हुआ है। बम-बम भोले, ओम नम शिवाय के जयघोष के साथ भोले अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कोई भक्ति के लिए कांवड़ चढ़ा रहा तो कोई मन्नत पुरी होने पर।
बृहस्पतिवार को पानीपत निवासी दो मासूम सगे भाई 7 वर्षीय निखिल व 9 वर्षीय यश कंधों पर कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे थे। उनके साथ ही उनके पिता धर्मेंद्र भी कांवड़ लेकर जा रहे थे। धर्मेंद्र ने बताया कि उसने अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कांवड़ बोली थी। पिछले 10 साल से वह कांवड़ ला रहा है। निखिल कक्षा 4, यश कक्षा 6 में पढ़ता है। दोनों ही पढ़ने में होशियार हैं, इसलिए इस बार इनके द्वारा भी भगवान भोले शंकर को प्रसन्न कराया जा रहा है। दो छोटे बेटे और हैं, जब वे जरा से बड़े हो जाएंगे तब वे भी कांवड़ लाएंगे। पानीपत निवासी भोले राजकुमार ने बताया कि यह उनकी 19वीं कांवड़ है। पानीपत निवासी रोबिन ने बताया कि तीन साल पहले नौकरी नहीं थी। तीन साल पहले कांवड़ लाकर भोले नाथ से नौकरी मांगी थी। दो माह बाद ही नौकरी लग गई थी। यह उनकी तीसरी कांवड़ है। वहीं कंधों पर पवित्र गंगाजल की कांवड़ और पैरों मे छाले, लेकिन थकान के बावजूद भोले अपने भगवान शंकर के जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ रहे हैं।