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Shamli News: 62 साल, 15 चुनाव, निर्दलीय प्रत्याशी जीता सिर्फ एक बार

Tue, 19 Mar 2024 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। पश्चिमी यूपी की महत्वपूर्ण कैराना लोकसभा सीट देशभर में अहम मानी जाती है। कैराना लोकसभा सीट पर मतदाताओं को निर्दलीय प्रत्याशी कम ही रास आते हैं। इस सीट पर वर्ष 1962 से लेकर अब तक 15 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी ने इन चुनावों में सिर्फ एक बार ही जीत दर्ज की है। हालांकि, हर बार इस सीट पर तीन से लेकर चार निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं। इस बार भी कई लोग चुनाव में ताल ठोकने की तैयारी में जुटे हैं।
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कैराना लोकसभा सीट वर्ष 1962 में अस्तित्व में आई। अभी तक इस सीट पर 15 बार चुनाव हो चुके हैं, मगर निर्दलीय प्रत्याशी ने सिर्फ वर्ष 1962 में ही जीत दर्ज की है। 1962 में जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र के रहने वाले यशपाल सिंह थे, जिन्होंने कांग्रेस के अजित प्रसाद जैन को हराया था। इसके बाद 1967, 1971, 1977, 1980, 1984, 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 में भी तीन से लेकर चार निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, लेकिन कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सका।

इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा से प्रदीप चौधरी, सपा से इकरा हसन चुनाव मैदान में ताल ठोक चुके हैं। इसके अलावा राजेश कश्यप, सुनील कुमार, मनोज आदि निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में है। कई अन्य दल भी अपने प्रत्याशी लोकसभा सीट पर उतारने की तैयारियों में लगे हैं। हालांकि, बसपा ने अभी इस सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। अब देखना यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में ऊंट किस करवट बैठता है।
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कैराना लोकसभा सीट का अभी तक का इतिहास...

1962 में पहली बार हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। 1971 के चुनाव में कांग्रेस ने पहली बार जीत हासिल की। इसके बाद दो बार जनता दल ने इस सीट पर राज किया। 1984 में ये सीट फिर से कांग्रेस के खाते में चली गई। पांच साल तक इस सीट पर कब्जा जमाने के बाद 1989 में एक बार फिर चुनाव हुआ, जिसमें कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उस समय जनता दल ने ये सीट हासिल कर ली। वर्तमान में ये सीट भाजपा के कब्जे में है। यहां से भाजपा के प्रदीप चौधरी ने 2019 में सपा की तबस्सुम बेगम को हराकर चुनाव जीता था। सत्ता में वापसी की टकटकी लगाए बैठी कांग्रेस 2019 में भी इस सीट पर बुरी तरह हार गई थी। कांग्रेस के हरेंद्र मलिक तीसरे स्थान पर रहे थे।
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कैराना सीट का इतिहास-

चुनाव वर्ष प्रत्याशी पार्टी प्राप्त वोट

1962 यशपाल सिंह निर्दलीय 134581

1967 गय्यूर अली खान सोशलिस्ट पार्टी (एसएसपी) 76415

1971 शफक्कत जंग कांग्रेस 162276

1977 चंदन सिंह बीएलडी 242500

1980 गायत्री देवी जनता पार्टी (एस) 203242

1984 चौधरी अख्तर हसन कांग्रेस 236904

1989 हरपाल पंवार जनता दल 306119

1991 हरपाल पंवार जनता दल 223892

1996 मुनव्वर हसन सपा 184636

1998 वीरेंद्र वर्मा भाजपा 289110

1999 अमीर आलम रालोद 206345

2004 अनुराधा चौधरी रालोद/सपा 523923

2009 तबस्सुम हसन बसपा 283259

2014 हुकुम सिंह भाजपा 565909

2019 प्रदीप चौधरी भाजपा 566961



वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का यह रहा था परिणाम

कैराना लोकसभा चुनाव परिणाम 2019

पार्टी प्रत्याशी वोट

भाजपा प्रदीप चौधरी 566961

सपा तबस्सुम हसन 474801

कैराना लोकसभा सीट में पांच विधानसभा शामली, कैराना, थानाभवन, नकुड़ और गंगोह शामिल हैं।
इस सीट पर मतदाताओं की संख्या 17 लाख 19 हजार 11 वोट
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