कैराना। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से यमुना नदी के पानी के कारण बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
सोमवार को गांव मामौर निवासी किसान आदेश, कृष्ण, आनंद व रामवीर आदि ने डीएम रविंद्र सिंह को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने बताया कि यमुना किनारे उनकी जमीन मौजूद है। इसमें उन्होंने धान की फसल उगा रखी थी। पिछले दिनों यमुना नदी के पानी के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों ने बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
-तहसील क्षेत्र में कुल 584 हेक्टेयर फसल का नुकसान
कैराना क्षेत्र में बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई है। तहसील क्षेत्र के गांव खुरगान, बसेड़ा, नगला राई, हैदरपुर, मवी, पठेड़, मामौर, सहपत, डुंडुखेड़ा आदि गांवों में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। तहसील प्रशासन ने बर्बाद हुई फसलों का आंकलन किया है, जिसमें तहसील क्षेत्र में कुल 584 हेक्टेयर फसलों के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।