- घर-घर चलाया गया 15 दिवसीय सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान
- 2.93 लाख लोगों की हुई स्क्रीनिंग, 600 नमूनों की हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। घर-घर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के तहत 43 नए मरीज सामने आए हैं। जिले में अब सक्रिय क्षय रोगियों की संख्या बढ़कर 1145 हो गई है। इस अभियान के तहत 2.93 लाख लोगों की स्क्रीनिंग गई, जिनमें करीब 600 संभावित लोगों के नमूनों की जांच कराई गई।
जिले में क्षय रोगी लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 22 फरवरी से पांच मार्च तक घर-घर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने कुल आबादी में 20 प्रतिशत आबादी यानि 321675 लोगों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इनमें उन क्षेत्रों का चयन किया गया, जहां पर पिछले सालों में क्षय रोगी ज्यादा मिले थे। स्वास्थ्य विभाग की दस टीमों ने लगभग 2.93 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान क्षय रोग के लक्षण वाले संभावित 600 लोगों के नमूने लेकर जांच कराई गई। जांच में 43 मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हुई।
क्षय रोग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि 15 दिवसीय अभियान के तहत 43 नए क्षय रोगी मिले हैंं। नए क्षय रोगियों का उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में इस समय लगभग 1145 सक्रिय रोगी हैं, जिनका उपचार चल रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर किसी व्यक्ति में क्षय रोग के लक्षण हैं, तो सरकारी अस्पताल में जांच अवश्य कराएं। समय पर सही उपचार कराने से क्षय रोगी जल्दी ठीक हो जाता है।
क्षय रोग के लक्षण
- सांस फूलना और सांस लेने में परेशानी होना।
- तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी होना।
- सीने में तेज दर्द होना।
- शाम को बुखार होना।
- भूख में कमी आना, अचानक वजन कम होना।
- बलगम के साथ खून आना।
- शरीर में थकान होना।
- फेफड़ों में संक्रमण होना व लगातार खांसी आना।
बचाव
- दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहने पर चिकित्सक की सलाह लें।
- क्षय रोगी के पास मास्क लगाकर जाएं।
- क्षय रोगी के बिस्तर, तौलिया व रुमाल आदि का इस्तेमाल न करें।
- किसी को खांसी आती है तो अपने मुंह पर रूमाल या कपड़ा रखें और दूरी बनाकर रखें।
- विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।