मानव जीवन सर्वश्रेष्ठ- जसुररत्न महाराज
शामली। श्रीदिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से जैन संत सुररत्न महाराज के आगमन पर सकल जैन समाज ने उसका स्वागत किया। महाराज श्री ने कहा कि मानव जीवन सर्वश्रेष्ठ है। महाराज श्री ने कहा कि साधुओं के छह कर्तव्य होते है। कर्तव्यों का पालन करने वाले जीव कभी दुखी नहीं होते। जीव भगवान का स्मरण दुख में करता है। सुख में तो भगवान को भूल जाता है। यही दुख का कारण बनता है। महाराज श्री ने कहा कि जीव को स्वाध्याय करना चाहिए। स्वाध्याय जीव के कष्टों को दूर करता है। समिति के अध्यक्ष जेके जैन एडवोकेट, महामंत्री अनिल जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीण जैन, श्रीपाल जैन, अरविंद जैन, वीरेश जैन, राजीव जैन, अशोक जैन, मनोज जैन, प्रवीण जैन, भूषण लाल जैन, दीपक जैन आदि मौजूद रहे।