- जिले में 17 से 31 जुलाई तक चलाया गया दस्तक अभियान
- 890 आशाओं ने 266869 घरों पर दस्तक देकर मरीजों की ली जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से चलाए गए दस्तक अभियान में सबसे ज्यादा बुखार के 315 मरीज मिले। इसके अलावा क्षय रोग के नौ और 15 कुपोषित बच्चे मिले। इस अभियान में 890 आशाओं ने 266869 घरों पर दस्तक देकर मरीजों के बारे में जानकारी जुटाई।
शासन के निर्देश पर वेक्टर जनित और संक्रामक रोगों की रोकथाम व जानकारी के लिए पिछले महीने 17 जुलाई से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत आशाओं को घर-घर जाकर बुखार, नजला, जुकाम, खांसी, क्षय रोगी, कुष्ठ रोगी व कुपोषित बच्चों की जानकारी जुटाकर उनकी सूची बनाने के निर्देश दिए गए थे। जिले में 15 दिन तक चले दस्तक अभियान में जिले में कुल 926 आशाओं में 890 आशाओं को लगाया गया था। आशाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर रोगियों की जानकारी जुटाई।
इस अभियान के तहत आशाएं जिले में 2,66, 869 घरों तक पहुंची और मरीजों के बारे में जानकारी ली। इस अभियान के तहत सबसे ज्यादा बुखार के 315 मरीज सामने आए। इनमें 294 मरीजों की अस्पतालों में जांच कराई गई। कोरोना के लक्षण वाले नजला, जुकाम, खांसी के 131 मरीज मिले, जिनमें 128 की जांच हुई। सभी मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई। कोई मरीज कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। इसके अलावा नौ क्षय रोगी मिले और 15 कुपोषित बच्चे मिले।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि दस्तक अभियान में बुखार के सबसे ज्यादा मरीज सामने आए। इसके अलावा अन्य रोगों के मरीज मिले। मरीजों का नजदीक के अस्पतालों में उपचार कराया गया है। दस्तक अभियान के दौरान लोगों को वेक्टर जनित और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए जागरूक भी किया गया।