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आर्य समाज का ऋषि बोध समाप्त का तीसरा दिन, उषाकाल में परमात्मा का ध्यान करे, ब्रहमयज्ञ सर्वश्रेष्ठ

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अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। मंगलवार को आर्य समाज के ऋषि बोध सप्ताह के तीसरे दिन कृष्णपाल जांगिड़ के आवास पर वैदिक यज्ञ आयोजित किया गया। मुख्य यज्ञमान कृष्णपाल जांगिड़ के पुत्र सुशील आर्य-राखी आर्य, पूजा आर्य, सुनीता आर्य, कौशल्या आर्य, अनुज, राहुल और यक्ष मुख्य यज्ञमान रहे। आर्य समाज के विद्धान पुरोहित डा. रविदत्त आर्य ने वैदिक मंत्रोच्चारण से यज्ञ संपन्न कराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गृहस्थी का मूल आधार दंपती का स्नेहनिल व्यवहार है। उन्होंने कहा कि ऊषाकाल में परमात्मा का ध्यान कर पंच महायज्ञ करना चाहिए, विशेष रूप से ब्रह्म यज्ञ करना श्रेष्ठ है। बिजनौर से आए आर्य समाज के भजनोपदेशक कुलदीप आर्य ने कहा कि सभी को वेदानुकूल जीवन व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने शिवरात्रि को ऋषि बोध उत्सव के रूप में मनाने के विषय में विस्तार से बताया। इस अवसर पर प्रधान विनोद आर्य, मंत्री देवेंद्र देव आर्य, रविकांत आर्य, आर्य विद्यासभा के प्रधान राजपाल आर्य, मंत्री दिनेश आर्य, विनोद शास्त्री, मुकेश चौधरी, नरेंद्र अग्रवाल, पूरण चंद आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, महेश विश्वकर्मा, पीयूष वर्मा, राधेयाम जांगिड़, मीरा वर्मा, मिथलेश आर्य, शारदा आर्य, वर्षा आर्य, ऋषिका आर्य, नीलम आर्य, पूनम आर्य आदि उपस्थित रहे।
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