बड़चिप विधि से तैयार किया जा रहा बीज
बड़ चिप विधि में सबसे पहले बड़ चिप मशीन से गन्ने का बड़ यानी आंख निकालते हैं। इसके बाद उसे उपचारित कर प्लास्टिक ट्रे के बने खानों में रखते हैं। ट्रे के खानों को वर्मी कम्पोस्ट या कोकोपिट से भरते हैं। अगर किसान के पास वर्मी कम्पोस्ट और कोकोपिट उपलब्ध नही हैं, तो सड़ी हुई पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
ट्रे में बड़ की बुवाई करने के बाद फव्वारे से समय-समय पर हल्की सिंचाई करते हैं। सुमन के अनुसार ट्रे से नर्सरी पौध को सावधानी पूर्वक निकाल कर मुख्य खेत में निश्चित दूरी पर पौध का रोपण किया जाता है। इस तकनीक में किसान गन्ने के बीच में दलहनी, तिलहनी, सब्जी और नगदी फसलें आसानी से उगाकर अतिरिक्त लाभ ले सकते हैं।
रोगमुक्त होती है फसल
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. संदीप चौधरी और कृषि उपनिदेशक का कहना है कि रसायनिक खादों से तैयार हो रहे बीज न सिर्फ लोगों को बीमार करते हैं बल्कि मानव शरीर पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इसी के चलते सरकार द्वारा जैविक खाद्य से निर्मित बीज को बढ़ावा दिया जा रहा है।