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करीब 20 गांव, ढाई लाख की आबादी, नहीं है परिवहन साधन

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क्षेत्र के लोगों के लिए ई-रिक्शा व जुगाड़ ही एकमात्र सहारा
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स्कूल में आने जाने वाले छात्रों, बर्जुगों व बीमारों को परेशानी
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। खादर क्षेत्र में करीब 20 गांवों की ढाई लाख आबादी के लिए परिवहन व्यवस्था नहीं है। इससे क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है।
कैराना के खादर क्षेत्र में गंदराऊ, मलकपुर, खुरगान, मोहम्मदपुर राई, नगला राई, रामड़ा, दभेड़ी खुर्द, मंडावर, बसेड़ा, नया गांव, बंजारा बस्ती, अकबरपुर सुन्हेटी, बीबीपुर हटिया, बरनावी, पठेड़, मुकुन्दपुर खेड़ी, मसुरा, डोगपुरा, तिसंग, यूसुफपुर चौतरा आदि करीब 20 गांव हैं। इनकी आबादी करीब ढाई लाख से अधिक है। इन गांव में आने-जाने के लिए ई-रिक्शा व जुगाड़ ही महज यातयात के साधन हैं। यहां बसों की व्यवस्था नहीं है। यदि रात में यदि कोई बीमार पड़ जाए तो कैराना आने का कोई साधन नहीं है। पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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मेंढकी दरवाजा से जुगाड़ व ई-रिक्शा इन गांवों में जाती हैं। वर्षों से खादर क्षेत्र के ग्रामीण मार्ग पर बसों के संचालन की मांग करते चले आ रहे हैं। दभेड़ी खुर्द के पूर्व प्रधानपति मुंशाद चौहान ने भी मुख्यमंत्री से लेकर परिवहन मंत्रालय व डीएम को कई बार पत्र लिखे। जिसके चलते 2014 में करीब 20 किमी लंबे मार्ग पर तीन अनुबंधित बसों का संचालन कराया गया था, लेकिन 2017 में ये तीन बसें भी बंद हो गईं। इसके बाद ग्रामीण ई-रिक्शा व जुगाड़ पर ही सफर करने के लिए मजबूर हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण
1-गांव खुरगान के प्रधान असलम ने बताया कि सबसे अधिक समस्या गरीबों को आती है। ई-रिक्शा वाले किराया अधिक लेते हैं। प्रशासन को बसों का संचालन कराना चाहिए।
2-दभेड़ी खुर्द के पूर्व प्रधान मुंशाद अली चौहान ने बताया कि यातायात व्यवस्था नहीं होने से क्षेत्र पिछड़ता जा रहा है। बच्चों को शिक्षा दिलाने में भी कठिनाई आ रही है।
3-मलकपुर निवासी संजू सैनी ने बताया कि यातायात का साधन न होने के कारण अगर कोई रिश्तेदार आता है तो उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
4-खुरगान निवासी अधिवक्ता सदाकत ने बताया कि जिनके पास यातायात के साधन हैं उन्हें तो समस्या नहीं परंतु गरीब परेशान हैं। प्रशासन को क्षेत्र में बसों का संचालन कराना चाहिए।
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5-बरनावी निवासी इरफान ने बताया कि लोगों को कई बार ई-रिक्शा का घंटों इंतजार करना पड़ता है। जुगाड़ में सफर खतरनाक है। यातायात के साधन नहीं होने से क्षेत्र पिछड़ रहा है।
कोट-
एआरटीओ को पत्र लिखकर खादर क्षेत्र में यातायात की सुविधा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।-एसडीएम शिवप्रकाश यादव
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