शामली। छह दिन पूर्व जिले की दो चीनी मिलों के सॉफ्ट लोन की मंजूरी हो चुकी है। शुक्रवार को स्वीकृत सॉफ्ट लोन की धनराशि चीनी मिलों को मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश शासन ने किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान अदा करने के लिए चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन की सुविधाएं प्रदान की गई थी। चीनी मिलों द्वारा बैंकों में सॉफ्ट लोन के लिए 30 अक्तूबर तक कागजात जमा करा दिए गए थे। शामली चीनी मिल ने डीसीबी गाजियाबाद से 130 करोड़ 57 लाख 32 हजार रुपये और ऊन मिल ने यूनियन बैंक से 93 करोड़, 58 लाख 6 हजार रुपये के साफ्ट लोन के लिए आवेदन किया है। बजाज समूह की चीनी मिलों ने पूरे समूह के लिए 917 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन मांगा था। 30 नवंबर को बैंकों की बैठक में कई चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई थी। इसमें शामली और ऊन चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन शामिल था। सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल के जीएम केन कुलदीप पिलानिया ने बताया कि शामली चीनी की ओर से 130 करोड़ 57 लाख 32 हजार रुपया साफ्ट लोन की धनराशि दस दिसंबर तक प्राप्त हो जाएगा। राणा समूह की ऊन चीनी मिल के जीएम केन अनिल अहलावत ने बताया कि यूनियन बैंक आफ इंडिया से 93 करोड़ 58 लाख 6 हजार रुपये के साफ्ट लोन की धनराशि जल्द ही चीनी मिल को प्राप्त हो जाएगी। बजाज समूह की थानाभवन मिल के यूनिट हेड वीरपाल सिंह ने बताया कि लखनऊ कार्यालय से 917 करोड़ रुपये के सॉफ्ट लोन के लिए आवेदन किया गया है। जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती ने बताया कि शुक्रवार को चीनी मिलों को सॉफ्ट लोन की धनराशि मिलने की संभावना है।
वर्ष 2017-18 का बकाया गन्ना भुगतान की स्थिति
चीनी मिल अवशेष भुगतान नए सत्र की पेराई
शामली 121 करोड़ 13.29 लाख क्विंटल
ऊन 101 करोड़ 9.29 लाख क्विंटल
थानाभवन 49 करोड़ 27.07 लाख क्विंटल
कुल बकाया 271 करोड़ 49.65 लाख क्विंटल