शामली।
लोकतंत्र सेनानी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण बंधु का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जिस प्रकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हिंसा हुई और फिर केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की, उससे जाहिर है कि सही निर्णय की रक्षा भी नहीं की जा सकी, जबकि हिंसा करने वालों सजा मिलनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 में मिले जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास था, ताकि कोई निर्दोष जेल जाने से बच सके। इस निर्णय के खिलाफ कुछ राजनीतिक दलों ने अपनी खोई जमीन तलाशने के चक्कर में माहौल को गरमाया। जिसका परिणाम है कि सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ और आमजन को परेशानियां झेलनी पड़ीं। ऐसे किसी भी आंदोलन को सख्ती से दबाना चाहिए, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को तोड़ता है। यदि हिंसा करके गलत मांगे मानी जाएंगी, तो देश खतरे में पड़ जाएगा।