झिंझाना। गांव अब्दान नगर में पिछले 12 दिन से सांस संबंधी बीमारी के कारण 18 पशुओं की मौत हो चुकी है। मंगलवार को भी दो पशुओं ने दम तोड़ दिया। अभी भी 50 से अधिक पशु ग्रस्त है। ग्रामीणों की मांग पर पशुपालन विभाग की टीम गांव में पहुंची और पीड़ित पशुओं का उपचार किया। ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उधर, ग्रामीणों ने टीम के नियमित रूप से गांव में कैंप की मांग की है।
ग्रामीण की शिकायत पर गांव पहुंचे पशुपालन विभाग के ऊन पशु चिकित्सा अधिकारी इमरान अंसारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी सिंह, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. अजय कुमार ने पशुओं में फैली बीमारी को लेकर जांच पड़ताल की। उन्होंने 20 पशुओं को बचाव के लिए वैक्सीन लगाई। ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह ने बताया कि जयवीर पुत्र जयचंद, धर्मा, राधा, संतोष, परमाल, बबली देवी, भंवर सिंह, शीशपाल, सुनील, वेदपाल, संजय, पीतम आदि के पशु बीमारी में दम तोड़ चुके हैं। बताया कि गांव में अधिकतर पशुओं में यह बीमारी फैली हुई है। उप मुख्य पशु चिकित्साधिरी डाॅ. एसपी सिंह का कहना है कि अभी भी पचास से अधिक पशु बीमारी से ग्रस्त है। जिनका उपचार किया जा रहा है।
कमजोर पशुओं को चपेट में ले रही बीमारी
पशु चिकित्सा अधिकारी इमरान अंसारी ने बताया कि यह वायरल इंफेक्शन है। जिससे पशु को सांस संबंधी बीमारी हो जाती है। यह बीमारी कमजोर पशुओं को अपनी चपेट में जल्दी ले लेती है। उन्होंने बताया कि बीमारी की तह तक जाने के लिए चिकित्सकों ने गांव में मरे पशु का पोस्टमार्टम भी किया है। बताया कि इससे पहले यह बीमारी क्षेत्र के गांव मंसूरा में हो गई थी, लेकिन वहां पर समय रहते इस बीमारी पर काबू पा लिया। पशुओं में बीमारी फैलने के कारण आसपास के गांव के ग्रामीण इस बीमारी से भयभीत है। उन्हें भी यह डर सता रहा है कि कहीं हमारे गांव में भी इस तरह की बीमारी अपने पैर न फैला ले।
सांस संबंधी बीमारी के कारण हुई मौत
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांस संबंधी बीमारी के कारण मौत की बात सामने आई है। फिर भी अन्य मरे भैंस की जांच कराई जाएगी। किसान 18 पशुओं की मौत की बात कह रहे हैं जांच कराई जा रही है।
पशुपालक यह बरतें सावधानी
: जहां पर पशु को बांधे, वहां पर सफाई का विशेष ध्यान रखें।
: पशुओं को समय पर वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
: बीमारी से ग्रस्त पशुओं को अलग बांधें।
: हरा चारे को ओस की बूंद सूखने के बाद ही खिलाए।
: पशुओं को मिनरल मिक्चर भी देते रहे।
: पशु को बीमारी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।