शामली। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंगलवार को गांव भैंसानी में अरबिया मदरसे में शिविर आयोजित किया गया। इसमें जिला क्षय केंद्र के जिला पीपीएम कोआर्डिनेटर शबी आजम ने बताया कि गांव भैसानी में 10 जून से सक्रिय टीबी रोग खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत टीमें घर-घर जाकर टीबी रोगियों को खोज कर रही है। उन्होंने बताया कि टीबी एक ऐसी बीमारी है, जो फेफड़ों पर असर डालती है। इससे फेफड़ों की टीबी बन जाती है। टीबी किसी भी उम्र में हो सकती है। समय रहते उपचार न कराने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। इस दौरान मदरसा छात्रों को टीबी के लक्षण भी बताए। थानाभवन की टीबी यूनिट के सुपरवाइजर कुलदीप कुमार न बताया कि भैंसानी में पांच टीमें लगी है, जो घर-घर जाकर जानकारी लेगी। अगर किसी में टीबी के लक्षण दिखाई देते है तो टीम को जरूर बताए। टीबी का उपचार जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। टीबी के उपचार में छह से नौ माह तक क्षय विरोधी दवा नियमित लेनी होती है। इस अवसर पर टीबी एचवी पीयूष, मदरसे के मौलाना और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।