जलालाबाद। कस्बे के शिव आश्रम मिट्ठी कुई स्थित ब्रह्मलीन 108 स्वामी नर्मदा गिरी महाराज की 28वीं पुण्यतिथि पर हवन-यज्ञ और प्रवचन का आयोजन किया गया।
प्राचीन शिव आश्रम मिट्ठी कुई मंदिर के प्रांगण में ब्रह्मलीन स्वामी नर्मदा गिरी महाराज की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। स्वामी विवेकानंद और स्वामी शिवानंद महाराज के सान्निधय में सुबह ब्रह्मलीन स्वामी की समाधि स्थल पर पंडित राधेश्याम शर्मा ने हवन यज्ञ संपन्न कराया। यजमान भगत सुखदेव प्रसाद सहारनपुर रहे। इस अवसर पर गुरुदेव भगवान की महिमा आरती की गई। प्रवचन करते हुए स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि सद्गुरु संतों के चरणों में आने से मानव का जीवन बदल जाता है। उसकी भक्ति भावना बढ़ जाती है, सुख-शांति-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसलिए संतों की संगत करनी चाहिए। उन्होंने संत शिरोमणी ब्रह्मलीन स्वामी नर्मदागिरी को परम तपस्वी बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में सभी को भगवान की भक्ति करने की प्रेरणा दी। संत परोपकारी होते हैं। वे अपने संत भाव से सांसारिक प्राणियों को भवसागर से उतारते हैं। सुंदर कांड समिति महिला संकीर्तन मंडल, सनातन सत्संग भवन के सेवकों ने आरती के बाद सभी को भंडारे लगाया गया। कार्यक्रम में वासुदेव प्रसाद, अवनीश आहुजा, प्रकाशचंद, सुभाष नारंग, प्रेमचंद, अंतराम, जनेश्वर भगत, सुरेश सैनी, पालीराम, राजकुमार, मुरारी नारंग और रामप्रसाद आदि का सहयोग रहा।