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वेद है सत्य सनातन ईश्वरीय वाणी

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शामली। आर्य समाज के सभागार में श्रावणी पर्व के तीसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान पूनम आर्या, संतोष आर्या, कौशल आर्या, शारदा आर्या रहे। पुरोहित डाक्टर रविदत्त शास्त्री रहे। इसके बाद सत्संग में उपदेशक प्रदीप शास्त्री ने भजन ‘जिस दिन घमंड अपने सिर से उतार देगा उस दिन तुझे विधाता अनमोल प्यार देगा’। वैदिक प्रवक्ता आचार्य वेदप्रकाश क्षोत्रीय ने कहा कि वैदिक विद्वान कल्पना न चलाकर वेद के सत्य का प्रचार प्रसार करते हैं। सत्य के दूत महर्षि दयानंद सरस्वती ऐसे ही प्रचारक थे। वेद न नूतन है और न पुरातन अपितु सनातन ईश्वरीय वाणी है जो कि प्रत्येक सृष्टि व लोक लोकांतर में इसी रूप में मनुष्य को प्राप्त होती है। इसलिए विश्व में सुख व शांति की स्थापना के लिए हमें सब मतों से दूर होकर वैदिक धर्म से युक्त होना चाहिए। इस अवसर पर संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, संरक्षिका कमला आर्या, आर्य समाज के प्रधान विनोद आर्य, मंत्री देवेंद्र देव आर्य, कोषाध्यक्ष रविकांत आर्य, आर्य विद्या सभा के प्रधान राजपाल आर्य, मंत्री दिनेश आर्य, कोषाध्यक्ष रामेश्वर दयाल आर्य, बीरबल आर्य, रामकुमार गुप्ता, गिरधारी लाल नांरग, रमेश विश्वकर्मा, रमेश बिंदर, स्त्री आर्य समाज से कौशल्या देवी, सुनीता आर्य, ऊषा आर्य, सूर्य प्रताप आर्य, उत्सव आर्य, शुभम आर्य, श्वेता आर्या, मृणाली आर्या, प्राची आर्या, अवंतिका आर्या आदि उपस्थित रहे।
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