श्रीमद्भागवत गीता में सारे जीवन का आधार
शामली। वृंदावन से आए परमानंद भारद्वाज ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में समस्त जीवन का आधार निहित है।
शुक्रवार को शहर के मोहल्ला बरखंडी में चल रही श्रीमद्भागवत गीता में प्रवचन करते हुए परमानंद महाराज ने कहा कि सुतजी महाराज ने राजा परीक्षित को समझाया कि दुर्योधन एक हठी तथा लालची किस्म का व्यक्ति है। वह समस्त राज्य को बर्बाद कर देगा। उन्होंने महात्मा विदुर की नीतियों का वर्णन किया और गोपियों का भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम का व्याख्यान किया। उन्होंने बताया कि गोपियों के प्रेम में कान्हा इतने डूब गए कि अपनी सुध-बुध खो बैठे। प्रेम में भगवान श्रीराम ने सबरी के बेर खाए थे। उन्होंने कहा कि भक्ति भावना से आती है न कि पैसे और रूप से आती है। भक्ति तो परमेश्वर की अपार कृपा से आती है। उन्होंने कान्हा की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने श्रीमद्भागवत का समाज में चित्रण करते हुए कहा कि समस्त जीवन का आधार श्रीमद्भागवत कथा में निहित है। इस अवसर पर वेदप्रकाश, मुकेश, अरविंद कांबोज, डाक्टर पवन, नीना, अंजू, लक्ष्मण कौशिक और रूपेश आदि मौजूद रहेे।