शामली। पिछले 32 घंटों से चली बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित है। बूंदाबांदी के साथ हवाएं चलने से धान की अगेती फसल गिर गई है।
शुक्रवार की सुबह आकाश में बादल छा जाने से मौसम में बदलाव शुरू हो गया था। दोपहर बाद शुरू हुई बूंदाबांदी शनिवार की शाम तक जारी रही। बूूंदाबांदी होने से दूूसरे दिन भी जनजीवन अस्त व्यस्त रहा है। पिछले दो दिनों से बूंदाबांदी से जलभराव से आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। बूंदाबांदी के साथ तेज हवाएं चलने से अगेती फसल गिर गई है। बघरा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डाक्टर पीके सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलने से 24 व 25 सितंबर को मौसम खराब रहेगा। बूंदाबांदी व हवाएं चलने से अगेती धान की फसल तैयार है वह गिर गई है। उससे किसानों की फसल को क्षति पहुंची है। पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अबुंज कुमार ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर बारह बजे से लेकर शनिवार की शाम सात बजे तक 80 एम एम बारिश रिकार्ड की गई है। उधर, उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा ने बताया कि गन्ने के लिए बारिश लाभदायक है। उन्होंने बताया कि दस प्रतिशत धान की अगेती फसल गिर जाने से नुकसान हुआ है।