जलालाबाद। सनातन सत्संग भवन में हो रही कार्तिक मास कथा में अश्वनी भगतजी ने कहा कि मानव जीवन केवल सत्संग से धर्ममय हो जाता है। भगवान के नाम की चर्चा और भक्ति करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं। साथ ही मनुष्य का उद्घार होता है। नामदेव, मीरा, कबीर, तुलसीदास आदि अनेक भक्त हुए हैं, जिन्होंने अपनी सच्ची भक्ति से भगवान को प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मां-बाप की जिम्मेदारी है कि वह बचपन से ही बच्चों को संस्कारवान बनाए। कथा के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर अमरनाथ, वेदप्रकाश, प्रकाशचंद, राजकुमार रूहेला, राधेश्याम, हरीश कुमार, नंदकिशोर, डॉ शिवकुमार, डा एसपी पांडेय, बाबूराम नायक, राजेंद्र भगत आदि मौजूद रहे।