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अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर का मिला 100 करोड़ मुआवजा

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जनपद सीमा में जल्द शुरू होगी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई
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121 किमी लंबे अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जारी
60 मीटर चौड़ाई होगी अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर की
विकास की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले 121 किमी लंबे अंबाला-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत भूमि का 100 करोड़ रुपये मुआवजा शासन से मिल गया है। मुआवजा वितरण के साथ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
भारत माला परियोजना के तहत यह एक्सप्रेसवे अंबाला से शुरू होकर कुरुक्षेत्र, करनाल व यमुनानगर से होते हुए सहारनपुर और शामली जिले को जोड़ेगा। छह लेन का यह इकोनॉमिक कॉरिडोर 3663.80 करोड़ रुपये से तैयार होगा। इसकी चौड़ाई 60 मीटर होगी। इसके निर्माण से हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ से पश्चिम यूपी की राह आसान हो जाएगी। इससे हरियाणा और पंजाब के साथ व्यापार बढ़ेगा। अभी अंबाला के लोगों को करनाल से होकर शामली जाना पड़ता है। जिसमें दो से ढाई घंटे लग जाते हैं। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद एक से डेढ़ घंटा ही लगेगा।
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छह जिलों व दो राज्यों को जोड़ेगा
यह हाईवे हरियाणा में अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर और यूपी के सहारनपुर तथा शामली जिले को जोड़ेगा। अंबाला जिले की बराड़ा, साहा व मुलाना तहसील के 58 गांव होते हुए कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील, यमुनानगर की रादौर व करनाल की इंद्री तहसील से होकर गुजरेगा। सहारनपुर जिले के 30 और शामली जिले के 12 गांवों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।
60 हजार पेड़ काटे जाएंगे
पंजाब, हरियाणा और पश्चिम यूपी को जोड़ने वाले इस हाईवे की जद में आ रहे 60 हजार पेड़ काट जाएंगे। शामली जिले में 3200 पेड़ कटेंगे। भविष्य में इस हाईवे का शामली से गोरखपुर तक विस्तारीकरण प्रस्तावित है। यह जिले में थानाभवन के पास दिल्ली-सहारनपुर हाईवे और दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे को थानाभवन क्षेत्र के भैसानी इस्लामपुर को जोड़ेगा। एनएचएआई की अंबाला यूनिट इसकी डीपीआर तैयार कर रही है। यह दिल्ली से देहरादून तक बन रहे इकोनॉमिक कॉरिडोर का इंटरकॉरिडोर होगा। एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। केवल छह-सात जगह पर एंट्री-एग्जिट प्वाइंट दिए जाएंगे। इस एक्सप्रेसवे पर वाहन जितनी दूर जाएगा, उसे उतना ही चार्ज देना होगा। यह प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा होना है।
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कोट
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से थ्री-डी की अधिसूचना जारी होने और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मुआवजा जारी हो चुका है। जिला प्रशासन जिले के 12 गांवों में 13 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित कर चुका है। अन्य किसान भी मुआवजा ले सकते हैं।-संतोष सिंह, एडीएम
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