शामली। अब हर महीने खाद्यान्न के सैंपल भरे जाएंगे और जनपद के सभी परिषदीय स्कूलों में इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। यह सैंपल प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत एकत्र किया जाएगा और योजना के तहत स्कूलों में भोजन चखने वाला ब्योरा में रजिस्टर दर्ज किया जाएगा, ताकि पता चल सकें कि खाद्यान्न में कोई कमी तो नहीं है।
जनपद के 596 परिषदीय स्कूलों में बनने वाले मिड डे मील की जांच अब लैब में कराई जाएगी। इससे अब छुट्टी होने तक स्कूल में भोजन सुरक्षित रखना पड़ेगा। महीने में कम से कम 10 स्कूलों के भोजन की गुणवत्ता परखी जाएगी। मध्याह्न भोजन मां समूह, विद्यालय के शिक्षक और शिक्षिकाओं और रसोइयों के चखकर गुणवत्ता की परख करने के बाद ही परोसा जाता है। इसके साथ ही सैंपल भी रखा जाता है, ताकि अधिकारी गुणवत्ता चेक करें। यही नहीं कोई घटना होने पर उसे जांच के लिए भेजा जा सकें।
अब शासन ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। इसके साथ ही महीने में कम से कम 10 विद्यालयों के भोजन को लैब भेजकर गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। स्कूल में दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए दिवसवार रोस्टर बनेगा। स्कूल में एमडीएम चखने वाले का नाम, पदनाम का ब्योरा रजिस्टर में अंकित किया जाएगा। ताकि कोई बात होने पर संबंधित से जानकारी ली जा सकें। नई व्यवस्था का मकसद छात्रों को गुणवत्तायुक्त मिड डे मील देना है। जिला समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है और जल्द ही कार्य शुरू होगा।