मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव राजपूतपुर चित्ती के रहने वाले गोविंद (25) को शनिवार दोपहर करीब ढाई बदमाशों ने गोली मार दी। बदमाश उसकी बाइक भी ले गए। राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा सकी है।
गोविंद शनिवार दोपहर करीब दो बजे बाइक की किश्त जमा करने के लिए मदनापुर गया था। वापस आते समय गांव के बाहर मोड़ पर उसे दो लोग मिले और लिफ्ट मांगी। वे लोग उसकी बाइक पर बैठ गए। बदमाशों ने उसे पेट पर गोली मार दी। इसके बाद बदमाश बाइक लेकर चले गए। गांव के बाहर उसे खून से लथपथ पड़ा देखकर ग्रामीण ने उसके घर पर सूचना दी। पिता विश्राम व अन्य परिजन भागे-भागे मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन किसी रंजिश से इन्कार कर रहे हैं। प्रथमदृष्टया मामला बाइक लूटने के लिए गोली मारने का लग रहा है। गोविंद की एक साल पहले ही शादी हुई थी।
मदनापुर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि लिफ्ट लेने के बाद गोली मारने की बात सामने आ रही है। जांच के बाद ही वारदात का सही कारण पता चल सकेगा। सीओ सदर अमित चौरसिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
मां से पानी मांगता रहा गोविंद...नवविवाहिता पत्नी का हुआ बुरा हाल
गोविंद के खून से लथपथ पड़े होने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए। तड़पते हुए गोविंद के मुंह से बस पानी पिला दो...पानी पिला दो निकल रहा था। मां माया देवी उसे पानी पिलाना चाहती थी लेकिन लोगों ने रोक दिया।
चचेरे भाई अवनीश ने बताया कि परिवार की किसी से कोई रंजिश नहीं है। गोली किसने और क्यों मारी, इसके बारे में भी उन लोगों को अभी कोई अंदाजा नहीं है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्युरी के बाहर मां माया देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। गोविंद की पिछले साल 25 जून को मदनापुर की रहने वाली वाली रोहिणी से शादी हुई थी। शादी के मौके पर ही उसने किस्तों में बाइक खरीदी थी। बाइक की किस्त हर माह जमा करने के लिए वह मदनापुर जाता था।
सात बहनों में अकेला भाई था गोविंद
गोविंद सात बहनों में अकेला भाई था। बड़ी बहन संतोषा, महिमा, खुशबू, राधा, सविता, बबिता हैं। हादसे की खबर पाकर पत्नी रोहिणी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।