कुर्रिया कांट मार्ग पर इमलिया गांव के पास बनी पुलिया की मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद
कुर्रिया कलां। गर्रा नदी में जुलाई में आई बाढ़ से कई जगह कटकर जख्मी हुए अजीजगंज-चौहनापुर मार्ग पर गड्ढों के घाव भरने शुरू हो गए। लोक निर्माण विभाग ने यहां काम शुरू कर दिया है। इससे आसपास के करीब 24 से अधिक गांवों के हजारों लोगों का आवागमन सुगम हो जाएगा।
अजीजगंज से चौहनापुर व कांट होकर मदनापुर तक लगभग 61 किमी लंबे इस मार्ग का 167 करोड़ रुपये की लागत से गत मार्च में चौड़ीकरण कराया गया था। पहले यह मार्ग 3.5 मीटर चौड़ा था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रास्ते की चौड़ाई बढ़कर सात मीटर हो गई। इसके साथ ही मार्ग पर वाहन फर्राटा भरने लगे, लेकिन दो माह पूर्व गर्रा में आई बाढ़ में यह मार्ग जर्जर हो गया।
तमाम जगह गहरे गड्ढे हो गए और कई जगह बजरी-कोलतार बाढ़ में बह जाने से रास्ते का सफाया हो गया। इसके बावजूद मार्ग की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लोनिवि निर्माण खंड-1 के एक्सईएन रथिन सिन्हा ने शासन से सड़कों की क्षतिपूर्ति का बजट मिलने पर मानसून के बाद सड़क की मरम्मत कराने की बात कही थी। इस मार्ग के आसपास बसे लोगों की आवागमन से जुड़ी कठिनाइयों को केंद्र में रखकर अमर उजाला में गत 12 सितंबर के अंक में बाढ़ से अजीजगंज-चौहनापुर मार्ग जख्मी शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई।
इसके बाद केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के मीडिया प्रभारी और इसी क्षेत्र के निवासी विनीत मिश्रा ने भी लोनिवि के अभियंताओं को रास्ते की दुर्दशा से अवगत कराया। विभागीय ठेकेदार के कर्मचारियों ने खिरिया शेख गांव के पास मार्ग के कटे हिस्से को बालू-मिट्टी से भराव कराकर समतल कराया और आसपास के गड्ढों को गिट्टी से भराकर उनकी मरम्मत कराई। इमलिया गांवकी पुलिया के पास बने गहरे गड्ढे भी पाटकर वहां मार्ग समतल किया गया।
कुर्रिया कांट मार्ग पर इमलिया गांव के पास बनी पुलिया की मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद