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नहीं मिला किसी भी सरकारी योजना का लाभ: गरीब महिला की ठंड से मौत, पति ने चंदा करके किया अंतिम संस्कार

Thu, 05 Jan 2023 09:39 PM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बंडा (शाहजहांपुर)

सार

सरकार हर तबके के लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। शासन-प्रशासन दावा भी करता है कि हर पात्र तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है, लेकिन गंगाराम की पत्नी की मौत और गंगाराम के घर की हालत देखकर समझ आ जाएगा कि यह दावे सिर्फ कागजी हैं।
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पति गंगाराम व उनका घर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गरीबी के कारण बिस्तर और चारपाई का बंदोबस्त करने में लाचार गांव ढुकरी बुजुर्ग निवासी मजदूर गंगाराम की 48 वर्षीय पत्नी गीता देवी की बुधवार रात ठंड लगने से मौत हो गई। गंगाराम ने चंदा करके पत्नी का अंतिम संस्कार किया। गीता की मौत के बाद प्रशासन अब उसके पति की मदद की बात कह रहा है।

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गंगाराम ने बताया कि वह मूल रूप से जनपद लखीमपुर के थाना मैलानी के गांव उजागरपुर के रहने वाले हंै। भाई से विवाद होने पर करीब 20 वर्ष पहले वह पत्नी के साथ ढुकरी बुजुर्ग में अपने बहनोई भिखारीलाल और बहन नन्ही देवी के पास आकर रहने लगे। जमीन और रोजगार का कोई साधन न होने पर वह मजदूरी करते हैं। कुछ रुपये जमा कर उन्होंने थोड़ी सी जमीन ले ली और उसी पर टिनशेड डालकर पत्नी के साथ रहने लगे। बुधवार रात गीता देवी ने ठंड लगने से दिक्कत होने की शिकायत की। कुछ देर बाद गीता देवी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

गंगाराम के अनुसार, वह बेहद गरीबी में गुजर कर रहे हैं। उनके पास राशन, बर्तन और बिस्तर तक नहीं है। पत्नी गीता देवी मानसिक मंदित थीं। उनके कोई संतान नहीं है। कई बार योजनाओं के लाभ के लिए जिम्मेदारों से संपर्क किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। योजना का लाभ पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पर मजदूरी से भी हाथ धोना पड़ता था, इससे शाम को चूल्हा तक नहीं जल पाता था। इस कारण ज्यादा भागदौड़ नहीं कर सका।

सोने की लिए जमीन पर बिछा लिया है पुआल
सरकार हर तबके के लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। शासन-प्रशासन दावा भी करता है कि हर पात्र तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है, लेकिन गंगाराम की पत्नी की मौत और गंगाराम के घर की हालत देखकर समझ आ जाएगा कि यह दावे सिर्फ कागजी हैं।

गंगाराम मजदूरी कर जैसे-तैसे दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पाता है। गरीबी के कारण हालत इस कदर खराब हैं कि गंगाराम के टिनशेड में न रजाई है, न बिस्तर और न चारपाई। गंगाराम और गीता देवी ने लेटने के लिए जमीन पर पुआल डाल रखा है। गंगाराम को अभी तक किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। राशन कार्ड भी नहीं है। इससे मुफ्त राशन की सुविधा भी उन्हें नहीं मिल पाती है। आवास, शौचालय आदि योजनाओं का लाभ भी गंगाराम को देने की जरूरत नहीं समझी गई, जबकि वह इन योजनाएं के लिए पूरी तरह से पात्र हैं।

मजदूर गंगाराम की आर्थिक तंगी का आलम यह है कि पत्नी की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए उन्हें गांव के लोगों से गुहार लगाकर चंदा एकत्र करना पड़ा। यह हालत तब है कि जब ग्राम प्रधान चेतराम गंगाराम के बहनोई भिखारीलाल के सगे भाई हैं। प्रधान चेतराम ने बताया कि गंगाराम उनके रिशेतदार हैं। गंगाराम के पास आधार कार्ड नहीं था। इस कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया। हाल में गंगाराम का आधार कार्ड बना है। सरकारी योजनाओं का लाभ अभी तक क्यों नहीं दिया गया, इसका प्रधान के पास कोई जवाब नहीं है।
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एसडीएम को मामले की जानकारी दी जा रही है। गंगाराम की आपदा प्रबंधन योजना से हर संभव मदद की जाएगी। उन्हें योजनाओं का लाभ क्यों नहीं मिला, इसका भी पता लगवाया जाएगा। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन शाहजहांपुर
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