शाहजहांपुर। नगर निगम ने पिछले दिनों जिस नाले की साफ-सफाई का दावा किया था, वहां फिर से कचरा भर गया है। कुछ जगह अतिक्रमण के चलते सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में आशंका है कि बारिश में शहरवासियों को फिर से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
नगर निगम का नालों की सफाई कराने का अभियान करीब एक माह से चल रहा है। अभी तमाम नालों की सफाई होनी है, ताकि बारिश के दौरान यह नाले उफान मारने पर शहर में जलभराव की स्थिति पैदा न कर दें। मंगलवार को पड़ताल की गई तो पता चला कि कर्मचारी एक तरफ नालों की सफाई कर रहे हैं तो दूसरी ओर से उनमें फिर से कचरा भर गया है। ऐसा ही हाल शहर सदर बाजार क्षेत्र में देखने को मिला। यहां पर नगर आयुक्त डाॅ. बिपिन कुमार मिश्र ने अपनी देखरेख में नाले के ऊपर किए गए अतिक्रमण को हटवाकर सफाई कराई थी।
वर्तमान में यहां कचरा अटा पड़ा है और नाले पर फिर से दुकानें लगने लगी हैं। बिजलीपुरा, बहादुरपुरा, अंटा क्षेत्र में नालों की सफाई अभी नहीं हो पाई है। यहां पर लोगों ने अतिक्रमण भी कर रखा है। बीबीजई हद्दफ में प्राथमिक विद्यालय तारीन टिकली द्वितीय के पास पीछे लोगों ने नाले पर ही पक्का निर्माण कर रखा है। बिजलीपुरा में नाले के ऊपर टिन रखकर कबाड़ का सामान रख लिया गया, जिसकी वजह से इन नालों की सफाई में दिक्कत भी आने की संभावना है।
शहर में छोटे-बड़े कुल 111 नाले, 150 कर्मचारी सफाई में लगे
शहर में 98 छोटे तथा मझले और 18 बड़े नाले हैं। वर्तमान में छोटे व मझले नालों की सफाई के लिए नगर निगम ने करीब 150 कर्मचारियों को लगा रखा है। इन पर 388 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बजट खर्च किया जा रहा है। बड़े नालों की सफाई का काम निविदा के आधार पर करवाया जाता है।
छोटे नालों की सफाई का कार्य जारी है। बड़े नालों की सफाई के लिए अभी टेंडर नहीं हो पाया है। इसको लेकर विचार विमर्श चल रहा है। बारिश से पहले सफाई करवा दी जाएगी। नाला सफाई के बाद फिर से कचरा भर जाना लोगों में जागरूकता की कमी के कारण है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करेंगे। - डॉ. मनोज कुमार मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम शाहजहांपुर।