पुवायां। भाकियू के जिला मुख्यालय पर धरने के बाद शुक्रवार को बड़ागांव स्थित कुमकुम हॉस्पिटल को डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं। अस्पताल संचालक वैधता के कागजात भी नहीं दिखा सके।
बनिगवां की गुड्डी देवी ने सीएमओ से शिकायत की थी कि सात अक्तूबर की रात वह अपने पति कालिका प्रसाद को इलाज के लिए ले जा रही थीं। बड़ागांव में कुमकुम हॉस्पिटल का बोर्ड देखकर वह पहुंचीं। उनसे 30 हजार रुपये जमा कर पति के पेट का ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर वह पति को बरेली के निजी अस्पताल ले गईं। इलाज में ज्यादा खर्च बताने पर वह पति को फिर कुमकुम अस्पताल लाईं तो डॉक्टर ने गालीगलौज कर भगा दिया। उन्होंने कार्रवाई की मांग की थी। एक अन्य व्यक्ति ने भी कुमकुम हॉस्पिटल के खिलाफ एसडीएम से शिकायत की थी।
सिंधौली के गांव नगरा वलेटू निवासी रक्षपाल की पत्नी सरमिला ने भी गलत इलाज का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने सीएमओ को अपने स्तर से जांच के लिए पत्र भेजा था। भाकियू ने इस मामले में जांच नहीं होने पर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को अस्पताल सील कर दिया। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ. रोहिताश कुमार, बड़ागांव चौकी इंचार्ज नरगेश कुमार आदि मौजूद रहे।
कुमकुम हॉस्पिटल की कई शिकायतें मिली थीं। जांच की गई तो अस्पताल संचालक कोई कागजात नहीं दिखा सके। दो बार मौका देने के बाद भी कागजात नहीं मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया है। जांच के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रोहिताश कुमार, डिप्टी सीएमओ
अस्पताल के कागजात मांगे गए थे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन है। जल्द ही कागजात अधिकारियों के समक्ष पेश किए जाएंगे। इसके बाद अस्पताल खुल जाएगा। कहीं कोई अनियमितता नहीं है। - डॉ. अजय कुमार, संचालक कुमकुम हॉस्पिटल बड़ागांव