डीजल के अभाव में रोगियों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 और 102 सेवा की एंबुलेंस के पहिये फिलहाल थमगए हैं। छह दिन से एंबुलेंस अस्पतालों में खड़ी है। इससे गरीब रोगियों के परिवार के लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गौरतलब है कि 108 और 102 सेवा की एंबुलेंस गांवों से रोगियों को अस्पताल तक निशुल्क पहुंचाने का काम करती हैं। इससे सबसे ज्यादा राहत मार्ग दुर्घटना में घायल होने वालों को मिली थी। लोग रास्ते में दुर्घटना आदि देख 108 पर फोन कर देते थे और एंबुलेंस मौके पर आकर घायल को अस्पताल ले जाती थी। अब छह दिन से यह सेवा नहीं मिल रही है। एंबुलेंस चालकों का कहना है कि लखनऊ से डीजल का रुपया नहीं मिल पाने के कारण समस्या है। डीजल के अभाव में एंबुलेंस को संबंधित अस्पताल परिसर में खड़ा कर दिया गया है। पुवायां, खुटार और बंडा सभी जगह एंबुलेंस खड़ी हो गई हैं, इससे गरीब रोगियों और दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को अस्पताल पहुंचने में भारी समस्या हो रही है। लोग निजी वाहनों से रोगियों को अस्पताल ले जा रहे हैं। दुर्घटना होने पर कई जगह पुलिस अपनी वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचा रही है, तो कहीं निजी वाहनों का सहारा लिया जा रहा है। खुटार के सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि 108 और 102 एंबुलेंस सेवा का संबंध लखनऊ से है, फिर भी सीएमओ को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।