शाहजहांपुर। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। बृहस्पतिवार को जनपद में कुल 200 क्रय केंद्रों में से मात्र 151 पर ही खरीद हुई। क्रय केंद्रों की अपेक्षा आढ़तों पर खरीद अधिक हो रही है। वहां किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिल रहा है। अभी तक किसानों को खुल खरीद का 71 प्रतिशत भुगतान ही किया गया है।
जिले को 4,14,700 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसमें बृहस्पतिवार को 151 क्रय केंद्रों पर 2351.059 मीट्रिक टन खरीद हुई। अब तक कुल खरीद 45,205.157 मीट्रिक टन खरीद हुई है। 5151 किसानों को 73.67 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। यह कुल खरीद का 71.63 प्रतिशत है। किसानों का 29.17 करोड़ रुपया बकाया है।
सरकारी समर्थन मूल्य की अपेक्षा आढ़तों या फ्लोर मिलों में गेहूं का भाव ज्यादा है। सरकारी केंद्रों पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि खुले बाजार में भाव 2290 से 2330 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों को भुगतान भी तुरंत मिल जाता है। जबकि क्रय केंद्रों पर बिक्री करने पर भुगतान मिलने में एक सप्ताह लग जाता है।
एफसीआई महाप्रबंधक ने खरीद में तेजी लाने पर दिया जोर
तिलहर। लखनऊ से तिलहर मंडी पहुंचे एफसीआई के महाप्रबंधक एचएस धालीवाल ने मंडी में लगे एफसीआई के सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीद में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।
मंडी सचिव रामनिवास ने बताया कि बृहस्पतिवार को एफसीआई दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक कुमार मीणा को मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर में आना था। उन्हीं को रिसीव करने के लिए एफसीआई के महाप्रबंधक एचएस धालीवाल लखनऊ से मुरादाबाद पहुंचे, लेकिन अचानक उनका कार्यक्रम निरस्त हो जाने के कारण महाप्रबंधक धालीवाल लखनऊ लौटते समय बृहस्पतिवार को दोपहर लगभग 12 बजे वह मंडी समिति पहुंचे।
उन्होंने एफसीआई के केंद्र पर केंद्र प्रभारी राहुल कुमार से खरीद का ब्यौरा मांगा। केंद्र प्रभारी ने बताया कि उनके केंद्र पर अब तक 5376 क्विंटल खरीद हुई है। महाप्रबंधक एचएस धालीवाल ने केंद्र प्रभारी और मंडी सचिव रामनिवास को किसानों से बातचीत करके खरीद में और अधिक तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। मंडी सचिव ने बताया कि मंडी में खुली बोली लगाई जा रही है। 2320 रुपए की खुली बोली बृहस्पतिवार को लगाई गई। मंडी में आने वाले गेहूं को 50 प्रतिशत केंद्र पर ले जाए जाने का काम किया जा रहा है। इस काम में व्यापारियों से सहयोग मांगा गया है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाप्रबंधक ने बताया कि वह यहां की खरीद और व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। किसानों का गेहूं कम मूल्य पर व्यापारियों द्वारा खरीदे जाने के बाबत उन्होंने बताया कि किसानों को खुद चाहिए कि वे अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर ले जाकर 2275 का मूल्य प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि एफसीआई के खरीद केंद्रों से किसानों का प्रतिदिन भुगतान हो रहा है। किसानों को खरीद केंद्र पर गेहूं ले जाने के लिए प्रसार भारती के अलावा तमाम संसाधनों से प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। लगभग आधा घंटा रुकने के बाद महाप्रबंधक चले गए। इस दौरान पर मंडल प्रबंधक शाहजहांपुर मंतोष बसु, सहायक महाप्रबंधक विजय कुमार पासवान और केंद्र प्रभारी राहुल कुमार और सचिव रामनिवास उपस्थित रहे।
रोजा मंडी में आवक का 25 प्रतिशत गेहूं भी क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहा
रोजा। रोजा मंडी समिति में गेहूं की खरीद के लिए एक मार्च को 24 क्रय केंद्र खोले गए थे। रोजा मंडी समिति में बुधवार को लगभग 13 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई। इसमें क्रय केंद्रों पर लगभग तीन हजार क्विंटल खरीदा गया। एक मार्च से अभी तक रोजा मंडी समिति में गेहूं की कुल आवक लगभग 3.78 लाख क्विंटल हुई है। इसमें अभी तक क्रय केंद्रों पर लगभग 85,000 क्विंटल खरीद हुई है। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक सभी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। केवल एक क्रय केंद्र पर गेहूं की खरीद हो रही थी। मंडी सचिव प्रवीण कुमार ने बताया कि पूरे प्रयास किए जा रहे हैं कि क्रय केंद्रों पर अधिक से अधिक खरीद हो सके।
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क्रय केंद्रों पर खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को क्रय केंद्रों पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे वह अपनी फसल को क्रय केंद्रों में बेचे। केंद्र प्रभारियों से कहा जा रहा है कि वे किसानों को क्रय की तरफ लेकर आएं। - राकेश मोहन पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी