पहाड़ों समेत एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिन में हुई व्यापक वर्षा के असर से गंगा, रामगंगा समेत अन्य सहायक नदियों में फिर से उफान आने लगा है। हालांकि, जिले में पिछले 48 घंटे के दौरान सिर्फ आठ मिमी बारिश रिकार्ड हुई, लेकिन नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में हुई वर्षा का पानी सिमटने से कछला घाट से लेकर भैंसार बांध तक गंगा के जलस्तर में 10 सेमी और रामगंगा में 40 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बीते सप्ताह की शुरुआत में बारिश के तेजी पकड़ने के साथ जिले से होकर बहने वाली गंगा, रामगंगा, बहगुल, गर्रा आदि नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा था। यही नहीं, कलान, जलालाबाद और तिलहर तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बीते दो दिन से जिले में रुक-रुककर हो रही बरसात नदियों पर अपना असर दिखाने लगी है। हालांकि, बांधों-बैराजों से रिलीज पानी की मात्रा में कमी आई है, लेकिन गंगा-रामगंगा दो दिन से ऊपर चढ़ रही हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार बदायूं के कछला घाट में गंगा 162.95 मीटर पर स्थिर है जबकि जिले के भैंसार बांध पर 24 घंटे में पांच सेमी की बढ़ोत्तरी के साथ गंगा 142.20 मीटर पर पहुंच गई है। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि नरौरा से गंगा में शनिवार सुबह 57524 क्यूसेक पानी रिलीज हुआ, लेकिन इससे बाढ़ की कोई आशंका नहीं है। उधर, रामगंगा में डिस्चार्ज पानी की मात्रा घटकर 1669 क्यूसेक रह गई। इसके बावजूद बारिश समेत अन्य नदियों का पानी मिलने से रामगंगा में सामान्य से अधिक पानी बह रहा है। खन्नौत के जलस्तर में भी पांच सेमी की बढ़ोत्तरी पाई गई। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार जिले में भारी वर्षा होने के संकेत हैं।