ग्राम पंचायत भरतपुर के प्रधान प्रतिनिधि संतोष सिंह कहते हैं कि लगभग एक माह से उनकी ग्राम पंचायत के मजरा पकड़िया नगला, पंखिया नगला, भरतपुर के दर्जनों मजदूरपेशा परिवारों के सामने पेट भरने की समस्या है। ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के अंत्येष्टि स्थल पर शरण लिए सेवाराम, फूल सिंह, विनोद, भंवरपाल आदि कहते हैं कि राजस्व विभाग कोई मदद नहीं कर रहा। सोमवार को राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने क्षेत्रीय लेखपालों के साथ नाव से आजाद नगर के हालात देखे।
सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने बताया कि पैलानी उत्तर में मेडिकल कैंप लगाया है। इस मेडिकल कैंप में आई फ्लू, बुखार, चर्म रोगों के 95 रोगियों का इलाज किया गया। इसी के साथ रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित ग्राम दहेलिया आदि में भी कैंप लगाए गए हैं।
रामगंगा और बहगुल में भी आया उफान
शनिवार से जलालाबाद क्षेत्र की रामगंगा और बहगुल नदियां उफान पर हैं। रविवार रात से तटवर्ती गांवों में बाढ़ आने जैसी स्थिति बन गई है। इन गांवों में कई एकड़ धान, बाजरा और तिल की फसलें जलमग्न हो गईं हैं और कई गांवों के मुहाने तक पानी अपनी दस्तक दे चुका है। अल्दादपुर बैहारी के बाद खंडहर क्षेत्र में मंगटोरा से रपरा को जाने वाले रास्ते पर कमर तक पानी भर गया है। इसके कारण ग्रामीणों को चचुआपुर होते हुए करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके जाना पड़ा रहा है।
सोमवार को विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने भी कई गांवों पहुंचकर बाढ़ की स्थिति देखी और ग्रामीणों से बातचीत की। तहसीलदार पैगाम हैदर ने बताया कि कोला समेत सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। नदियों का बहाव क्षेत्र अधिक होने के कारण अभी बाढ़ जैसी कोई स्थिति नही है।
गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है। जहां पर लोगों को नाव की जरूरत पड़ रही है, वहां नाव उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अलर्ट जारी है। गांवों में अभी लोग सुरक्षित हैं।- डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बाढ़ प्रभारी अधिकारी