मिर्जापुर। दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित गोपाल शास्त्री ने ऋषि विश्वामित्र द्वारा यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से श्रीराम-लक्ष्मण को मांगने का प्रसंग सुनाया। राजा दशरथ विचलित होकर उनसे कहते हैं कि अभी दोनों सुकुमार छोटे बालक हैं, इसलिए वह स्वयं उनके साथ चलने के लिए तत्पर हैं। इस बात से विश्वामित्र को क्षुब्ध देख दशरथ दुखी मन से श्रीराम और लक्ष्मण को उनके साथ भेज देते हैं। रास्ते में दोनों भाई ताड़का राक्षसी का वध करते हैं। कथा के अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। संवाद