जलालाबाद। निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने-उतरने के लिए शाहजहांपुर मार्ग के किनारे बनने वाले इंटरचेंज के रास्ते में गांव सिकंदरपुर से कुराबंडा के बीच करीब एक दर्जन मकान व अन्य तरह के निर्माण आड़े आ रहे हैं। शुक्रवार को उन्हें हटाने के लिए कंपनी के कर्मचारी नायब तहसीलदार मनु माथुर व अन्य राजस्व कर्मचारियों के साथ जेसीबी लेकर पहुंचे, लेकिन तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि उन लोगों को मुआवजा दिए बगैर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई जो पूरी तरह गलत है। हालांकि, ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जेसीबी से कई घरों के चबूतरे आदि तोड़ दिए गए। प्रभावित परिवारों के सौरभ, मुन्नी देवी, बीना देवी, पुनीत आदि ने बताया कि उन लोगों के मकान और अन्य निर्माण काफी समय पहले चिह्नित किए गए, लेकिन उन्हें अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया।
ग्रामीणों के विरोध जारी रखने पर पक्के निर्माण हटाने का ज्यादा कार्य नहीं हो सका। तहसीलदार पैगाम हैदर ने बताया कि मुआवजा देने के लिए सभी संबंधित लोगों से निर्माण संबंधी स्वामित्व के कागजात जमा करने को कई बार कहा गया, लेकिन अभी तक किसी ने मांगे गए अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए।