कठिन परिस्थितियों में की तैयारी
अनिकेत का कहना है कि उन्होंने बहुत सूझबूझ के साथ समय का प्रबंधन करके पढ़ाई की थी। उनके पिता के पास 16 बीघा जमीन है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए फोन खरीद सकते थे, लेकिन मोबाइल से दूरी बनाए रखी। उन्हें डर था कि मोबाइल हाथ में आने पर कहीं वह अपने लक्ष्य से भटक न जाएं। लिहाजा, ऑफलाइन पढ़ाई पर ही फोकस किया।
रोजाना तीन से चार घंटे की पढ़ाई
अनिकेत ने बताया कि वह तीन से चार घंटे ही पढ़ते थे। विषय को रटने के बजाय उसे समझने पर उनका ज्यादा फोकस रहता था। कोरोना के समय हाईस्कूल की परीक्षा में भी बेहतर परिणाम हासिल करने वाले अनिकेत ने कोचिंग का सहारा लेने के बजाय खुद परीक्षा की तैयारी की। सिर्फ केमिस्ट्री की कोचिंग की। उन्होंने बायोलॉजी में 99, फिजिक्स में 97, केमिस्ट्री में 95, हिंदी में 96, इंग्लिश में 97 अंक पाए हैं। वह वालीबॉल के खिलाड़ी हैं।
साहित्य में है अनिकेत की विशेष रुचि
अनिकेत का सबसे पसंदीदा विषय बायोलॉजी है। उपन्यास पढ़ना उन्हें बेहद पसंद है। कोरोना काल में उन्हें उपन्यास पढ़ने की लत लगी थी। मुंशी प्रेमचंद उनके पसंदीदा लेखक हैं। उनकी ग्रामीण परिवेश पर आधारित अधिकतर कहानियों को अनिकेत ने पढ़ा है। अनिकेत ने कहा कि कामयाबी पाने के लिए किताबों पर आधारित शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है। इससे मन भटकने का डर बना रहता है।