शाहजहांपुर में रविवार को तेज धूप व गर्मी से बचने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांधकर स्कूटी से जाती युवत?
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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में मांग बढ़ने और उत्पादन घटने के दोहरे असर से जिले के लोगों को बिजली के लिए तरसना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को भी नौ से दस घंटे की आपात कटौती का सामना करना पड़ा। रविवार सुबह से ग्रामीण फीडरों पर फिर से बारी-बारी इमरजेंसी रोस्टरिंग लागू कर दी गई।
हालांकि, विद्युत निगम के एक्सईएन (ट्रांसमिशन) आरके उपाध्याय ने लखनऊ प्रणाली नियंत्रण कक्ष स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के हवाले से बताया कि कोयला आपूर्ति में सुधार होने से कई ताप बिजलीघरों की बंद इकाइयां चालू हो चुकी हैं और सरकार ने भी अन्य राज्यों से बिजली खरीदनी शुरू कर दी है। इसके बावजूद विद्युत उत्पादन सुधरने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा और तब तक लोगों को बिजली संकट से पूरी तरह निजात मिलने की उम्मीद करना कठिन होगा। उनका कहना है कि फिलहाल सौर ऊर्जा संयंत्र नार्थ ग्रिड को बचाए हुए हैं और उनसे बिजली आपूर्ति में बड़ी मदद मिल रही है।
अभी जारी रहेगा गरमी का सितम
शाहजहांपुर। मार्च से शुरू हुई गर्मी अप्रैल में ही चरम पर पहुंच गई। रविवार को अधिकतम तापमान 42.04 और न्यूनतम 26.07 दर्ज किया गया। शनिवार के मुकाबले रविवार को न्यूनतम और अधिकतम में 0.1 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बीते अप्रैल माह में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचा, जबकि बीते पांच वर्षों में इतना तापमान मई के दूसरे और तीसरे हफ्ते तक पहुंचा था। गर्मी इसी तरह तेवर दिखाती रही तो आज से शुरू हुए मई माह में भी तापमान का नया कीर्तिमान बन सकता है। उनका कहना है अप्रैल माह के औसत तापमान में वर्ष 2018 के मुकाबले जनपद में करीब चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। मई माह भयंकर गर्मी वाला माना जाता है। इसलिए औसत तापमान में वृद्धि आगे भी जारी रहने की आशंका है। संवाद