स्वास्थ्य विभाग से कोई झांकने नहीं पहुंचा
पापरि गांव जिले की सीमा पर बसा हुआ है। इस गांव में वर्तमान में कई लोग बुखार से पीड़ित है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम दो बच्चों की मौत के बाद भी यहां नहीं पहुंची है। जिससे गांव के लोगों में दहशत है। सीएचसी दूर होने की वजह से ग्रामीण बीमार होने पर आसपास के झोलाछाप से इलाज कराने पर मजबूर हैं।
सीएचसी जरियनपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदेश रस्तोगी का कहना है कि मुजम्मिल काफी दिनों से बीमार था। जबकि दस माह के अयान को चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। उसका पिता बच्चों को सीएचसी लाने के बजाय झोलाछाप से दवा दिलाता रहा। जिससे दोनों बच्चों की गलत दवा के दुष्प्रभाव से मृत्यु होने की आशंका है।
झोलाछाप के इलाज से बचें
सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि बीमार होने पर सबसे पहले सीएचसी में दिखाएं। सीएचसी में रोगियों की मुफ्त जांच, इलाज और पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था है। रोगी को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिलने पर एंबुलेंस से निशुल्क मेडिकल अस्पताल भेजने की भी व्यवस्था है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। झोलाछाप के इलाज से बचें।