शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश गरिमा सिंह ने जानलेवा हमला करने के मुकदमे में दो दोषियों को दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, निगोही क्षेत्र के संडाखास निवासी धनपाल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे रंजीत कुशवाहा से मीर सिंह अपनी भतीजी की शादी कराना चाहता था। धनपाल इस बात पर राजी नहीं था। इसी वजह से मीर सिंह उससे रंजिश मानने लगा था। शादी न करने पर तरह-तरह की धमकी देता था। 22 अप्रैल 2016 को शाम सात बजे मदनापुर क्षेत्र के गांव करौंदी निवासी मीर सिंह और खुदागंज क्षेत्र के गांव नवदिया तालुक हरदैनी निवासी पृथ्वीराज उसके घर पर आए। मीर सिंह ने उसके ऊपर तमंचे से फायर कर दिया। गोली उसके दाहिने कंधे पर लगी। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील शशिमोहन सिंह के तर्क सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश ने मीर सिंह और पृथ्वीराज को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।