वर्ष 2007 में तिलहर थाना क्षेत्र के गांव कबीरचक में हुए हत्या के एक मामले में सोमवार को अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने दो आरोपियों (डालचंद व चमनलाल) को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना 26 मई 2007 को 3:30 बजे सुबह हुई। जब भगवानदास खेतों में शौच करने जा रहा था। उसी दिशा में उसके चाचा छोटेलाल (मृतक) भी गए हुए थे। उसी समय भगवानदास ने देखा कि डालचंद्र और चमनलाल प्रकाश के खेत में उसके चाचा को चाकू और लाठी से मार रहे हैं। चाचा के चिल्लाने की आवाज पर वह व बाबूराम, ईश्वर दयाल भाग कर पहुंचे, तो मुल्जिमान चाचा को छोड़कर भाग गए। उसके चाचा छोटे लाल ने वहीं मौके पर दम तोड़ दिया। भगवानदास द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 302/34 भादसं के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की। सरकारी वकील सुनील कुमार सिंह ने भगवानदास पक्ष की ओर से पैरवी की। करीब नौ वर्ष पुराने मामले में आठ गवाहों को सुनने, साक्ष्यों को परखने एवं उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया।