इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केबिल टीवी पर चैनलों के मैनुअल प्रसारण की तिथि बढ़ाने का आदेश सभी के लिए नहीं जारी किया है। यह आदेश केवल उन जिलों के याचिकाकर्ताओं पर लागू होगा जहां डिजिटल फीडिंग नहीं हुई है। मनोरंजन कर विभाग ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि शाहजहांपुर में डिजिटल फीडिंग की जा चुकी है, इसीलिए यहां डिजिटल प्रसारण ही होगा, मैनुअल नहीं।
बताते चलें, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केबिल टीवी प्रसारण के डिजिटाइजेशन की मोहलत 31 दिसंबर तक दी थी। इसके बाद एनालॉग प्रसारण बंद कर दिया गया था। शाहजहांपुर में केबिल आपरेटर्स ने डिजिटाइजेशन का काम शुरू किया था लेकिन सेट टाप बाक्स की कमी के चलते सभी केबिल कनेक्शन धारकों को डिजिटाइजेशन से नहीं जोड़ा जा सका। ऐसे में शाहजहांपुर में फरवरी के अंत तक एनालॉग प्रसारण होता रहा। मार्च से विभाग ने एनालॉग प्रसारण बंद कर दिया, जिससे हजारों टीवी डिब्बा बन गए और चैनलों का प्रसारण रुक गया। इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट में इलाहाबाद के ही एक व्यक्ति ने डिजिटल फीड न मिलने के चलते याचिका दाखिल की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने उसे राहत दी थी। हालांकि कई लोगों ने इसे सभी के लिए आदेश माना और सेट टॉप बाक्स लगाने का काम ठप गया। करीब 33 हजार कनेक्शन धारकों में केवल 11 हजार कनेक्शन में सेट टॉप बाक्स लग पाया। इस पर मनोरंजन कर विभाग ने स्थिति स्पष्ट की कि शाहजहांपुर में मैनुअल प्रसारण तिथि की अवधि नहीं बढ़ी है।
चिप डाउन लोडर्स 25 तक जमा करें शुल्क
मोबाइल फोन में गाने और फिल्में डाउनलोड करने वाले चिप डाउन लोडर्स को 25 मार्च तक लाइसेंस शुल्क जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इसके लिए 1500 रुपये और शहरी क्षेत्र में 3000 रुपये शुल्क नियत है। बिना लाइसेंस कारोबार करने पर दस हजार रुपये जुर्माना और विधिक कार्रवाई होगी।
हाईकोर्ट ने केवल उस याचिकाकर्ता केबिल आपरेटर को राहत दी है जहां डिजिटल फीडिंग नहीं हुई है। यहां डिजिटल फीडिंग हो चुकी है। केबिल टीवी उपभोक्ता मैनुअल प्रसारण का दबाव न बनाएं बल्कि जल्द सेट टॉप बॉक्स लगवा लें। चिप डाउनलोडर्स कार्यालय से चालान पास कराकर स्टेट बैंक टाउनहाल शाखा में 25 मार्च तक लाइसेंस शुल्क जमा करा दें।
- दया शंकर उपाध्याय, जिला मनोरंजन कर अधिकारी