शाहजाहंपुर। छावनी क्षेत्र में जर्जर हो चुके महाराणा प्रताप मार्ग का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इस पर बेशुमार गड्ढे हैं, जोकि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने रहेंगे।
महाराणा प्रताप मार्ग एमईएस के तहत आता है। यह मार्ग ओसीएफ अस्पताल गेट से वीर अब्दुल हमीद पार्क होकर पुवायां मार्ग तक जाता है। पुवायां की ओर से शहर में आने-जाने वाले लोग इसका सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं। इससे छोटे वाहन चालकों को रोडवेज के सामने से आवागमन करने पर जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ता। कई सालों से मार्ग का निर्माण व मरम्मत का कार्य नहीं होने से यह पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया था, जिससे राहगीरों व वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही थी।
मार्ग की मरम्मत के लिए लगातार प्रयास हो रहे थे। एमईएस की ओर से धनराशि आवंटित होेने पर छह दिन पहले ही इस मार्ग का निर्माण शुरू करवाया गया। ओसीएफ अस्पताल से ग्वालटोली ट्रायंगल पार्क तक ही इसका निर्माण किया गया। पार्क से पुवायां मार्ग तक लगभग 150 मीटर का हिस्सा वैसे ही छोड़ दिया गया है।
वहीं, एमईएस के सहायक दुर्ग अभियंता संदीप सैधा का कहना है कि ओसीएफ से ग्वालटोली ट्रायंगल पार्क तक ही निर्माण होना था। उसके आगे वाले हिस्से के लिए प्रस्ताव दिया गया है। इस मार्ग के नीचे पानी की पाइप लाइन लीक होती है। ऐसे में उसे पूरी तरह से तोड़कर दोबारा बनाया जाना ही उचित होगा। इसके लिए कंक्रीट की टाइल लगाई जाएगी। हॉटमिक्स वाली सड़क नहीं चल पाएगी।
समस्या से ब्रिगेडियर को कराया जाएगा अवगत
छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष गजेंद्र गंगवार ने बताया कि वह ब्रिगेडियर अभिनंदन सिंह को समस्या से अवगत कराएंगे। उन्हें जानकारी दी जाएगी कि यह मार्ग अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इसके अलावा भी दो छोटे टुकड़े बचे हुए हैं, जिनका निर्माण भी जरूरी है। इनमें एक टुकड़ा मोहल्ला रामनगर की ओर जाता है। जबकि दूसरा स्टेशन की तरफ निकलता है। ये दोनों ही टुकड़े पुवायां मार्ग पर मिलते हैं। अगर इनकी पूरी तरह से मरम्मत संभव नहीं हो सकती तब उनके गड्ढों को भरवाने की मांग की जाएगी। इनके अलावा ओसीएफ गेट से मछली मार्केट पुवायां रोड में मिलने वाली रानी लक्ष्मीबाई रोड के निर्माण के लिए भी मांग की जा चुकी है।