दिल्ली में तुगलक नाटक का मंचन करते कलाकार। स्रोत: संस्था
- फोटो : रामपुर रेतिया में हाथी के उत्पात में क्षतिग्रस्त झोपड़ी।
शाहजहांपुर। सामाजिक संस्था कोरोनेशन आर्ट थियेटर ने दिल्ली के ऑडिटोरियम में नाटक तुगलक का मंचन किया। भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से गिरीश कर्नाड लिखित तुगलक नाटक ने दो घंटे तक दर्शकों को बांधे रखा। निर्देशक जरीफ मलिक आनंद ने बताया कि नाटक में दिखाया कि तुगलक केवल एक ऐतिहासिक नाटक नहीं है। यह सत्ता और आदर्शवाद के संघर्ष की गहरी व्याख्या भी है। नाटक दर्शाता है कि केवल महान विचार पर्याप्त नहीं है। उन्हें सही ढंग से लागू करना भी जरूरी है। नाटक को सफल बनाने में रंगकर्मी सौमित्र शुक्ला का सहयोग रहा। संवाद