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Shahjahanpur News: भ्रम और भय में फंसकर जिंदगी से दिलचस्पी हो जाती है खत्म

Wed, 24 May 2023 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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डॉ.रोहताश ईशा,सिजोफ्रेनिया डे वाली खबर में
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शाहजहांपुर। विश्व सिजोफ्रेनिया दिवस बुधवार को है। इस रोग से ग्रस्त मरीज भ्रम की स्थिति में रहते हैं। उनके अंदर जिंदगी से दिलचस्पी खत्म हो जाती है। वे भावुक हो जाते हैं। रोग से ग्रस्त मरीज का उपचार छह महीने तक चलता है। डॉक्टर की मानें तो दवा और थैरेपी के माध्यम से मरीज स्वस्थ हो जाते हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के मनकक्ष में प्रतिदिन 50 मरीज आते हैं। इनमें आठ से दस मरीज सिजोफ्रेनिया से पीड़ित होते हैं। क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ. रोहताश ईसा के मुताबिक, यह एक तरह का मनोरोग है। पुरुष और महिलाओं को किसी भी उम्र में बीमारी होने की संभावना रहती है। कई लोग इस बीमारी को स्प्लिट पर्सनैलिटी (दोहरा व्यक्तित्व) समझते हैं जबकि यह एक दूसरे तरह का डिसऑर्डर है।

ये हैं सिजोफ्रेनिया लक्षण
इस बीमारी से ग्रस्त मरीजों को असल जिंदगी में न होने वाली चीजें दिखती और महसूस होती हैं।
कई मामलों में स्वाद और खुशबू महसूस होने की शिकायत होती है, जबकि वहां वास्तव में ऐसा कुछ नहीं होता।
उन्हें कई तरह के गलत यकीन भी होने लगते हैं। खुद को सताने, अमीर या फिर ताकतवर होने का भ्रम रहता है।

कुछ भी सामान्य तरीके से नहीं कर पाते मरीज
सिजोफ्रेनिया से पीड़ित मरीज कुछ भी सामान्य तरीके से नहीं कर पाते हैं। उन्हें रोजमर्रा के काम में दिक्कत महसूस होती है। इन लोगों को आसपास कुछ भी अच्छा नहीं लगता है। ये लोग समाज से कट कर अपनी ही दुनिया में रहना पसंद करते हैं। यह लोग कोई भी काम ध्यान से नहीं कर पाते हैं। इन्हें चीजों को समझने में दिक्कत होती है और यह कोई भी निर्णय नहीं ले पाते हैं।
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फोटो नंबर 24
-सिजोफ्रेनिया के कुछ मरीज एक काल्पनिक दुनिया में रहते हैं। वास्तविक दुनिया से दूर इनके अलग विचार होते हैं। इसकी वजह से इनकी भावना, व्यवहार और क्षमता में बदलाव आ जाते हैं। - डॉ. रोहताश ईसा, क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक
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