शाहजहांपुर। नगर की यातायात व्यवस्था फिर पटरी से उतर गई है। सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों की खोदाई का काम होना जाम की प्रमुख वजह बन रहा। आधी सड़क को घेरकर टिन शेड लगाकर खोदाई होने से लोगों को जगह-जगह जाम से जूझना पड़ रहा है। इसी तरह वन-वे व्यवस्था पर अमल न होने से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। जिनके कंधे पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी है, उनका पूरा ध्यान चालान का लक्ष्य पूरा करने में रहता है।
स्कूल की छुट्टी के समय जाम से जूझ रहे बच्चे
जाम से स्कूली बच्चे भी अछूते नहीं है। उनके स्कूल की छुट्टी होने पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस के पास कोई व्यवस्था नहीं है। 12 से एक बजे के बीच स्कूलों की छुट्टी होने पर नगर की सड़कें जाम हो जाती है। स्कूल की वैन, ई-रिक्शा, टेंपो पर सवार बच्चों के निकलने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जाम की वजह से बच्चों को अपने घर पहुंचने में काफी समय लग जाता है। चौराहों के जाम होने से पैदल तक निकलना मुश्किल होता है।
होमगार्ड के सहारे चौराहे, यातायात पुलिस पूरा कर रही चालान का लक्ष्य
सड़कों को जाम से मुक्त रखने का जिम्मा यातायात पुलिस को दिया गया। एसपी के निर्देश पर सिपाहियों की ड्यूटी भी तिराहों-चौराहों पर लगाई जाती है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जाम से लोगों को जूझना पड़ता है। ट्रैफिक पुलिस तिराहों व चौराहों को होमगार्डों के सहारे छोड़ देती है। होमगार्ड की सुनवाई न होने के कारण लोग आड़े-तिरछे वाहन लगाकर जाम लगा देते हैं।
वन-वे व्यवस्था के बावजूद लग रहा जाम
ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया गया था। बरेली मोड़ से आने वाले ई-रिक्शा आदि को गर्रा होते हुए कनौजिया, हद्दफ चौकी से रोडवेज बस अड्डे पर आने के निर्देश दिए थे। इसी तरह टेंपो बरेली मोड़ से केरूगंज और अंटा होते हुए प्रसाद भवन से रोडवेज पहुंचने का खाका तैयार किया गया था। कई अन्य रूट पर भी वाहनों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया था। यह व्यवस्था सिर्फ कागजों पर लागू है। दरअसल, वन-वे सिस्टम होमगार्ड के सहारे होने के कारण लोग मानने को तैयार नहीं हैं।
अस्पतालों के पास सड़क पर खड़े वाहन भी बन रहे जाम की वजह
शहर की प्रमुख सड़कों पर बने निजी अस्पताल के पास अपनी पार्किंग व्यवस्था नहीं है। मरीज के आने पर सड़क पर वाहन खड़ा कर दिया जाता है। मरीज के चढ़ाने और उतारने के कुछ देर के फासले में सड़कें जाम हो जाती है। डॉक्टरों से कई बार पत्राचार के बाद भी डॉक्टरों द्वारा पार्किंग की व्यवस्था नहीं कराई गई। इसके चलते हर रोज जाम लग रहा है।
नगर निगम की पार्किंग में वाहन खड़ा करने को राजी नहीं लोग
सड़क पर जगह-जगह खड़े वाहनों के लिए नगर निगम ने पार्किंग की व्यवस्था की थी। गोविंदगंज में पुल के नीचे, शहीद द्वार और जेल के पीछे पार्किंग बनाई गई थी। जिससे दुकानदार बाजार में वाहन खड़े करने के बजाय पार्किंग में खड़े कर सकें। लेकिन लोग पार्किंग में वाहन खड़ा करने के लिए तैयार नहीं हैं। वे बाजार के अंदर गाड़ी ले जाते हैं। करीब एक साल पहले जेल के पीछे सदर बाजार पुलिस और यातायात पुलिस की ड्यूटी लगाने का सिलसिला शुरू हुआ था। उद्देश्य था कि बहादुरगंज में बड़े वाहन प्रवेश नहीं कर सके। वाहनों को पार्किंग में खड़ा करा दिया जाए। कुछ दिन यह व्यवस्था चलती रही। अब लोग सीधे बाजार में अपने बड़े वाहन ले जाकर सदर बाजार की ओर निकल जाते हैं। सदर की संकरी सड़क पर वाहन पहुंचते ही जाम लग जाता है।
- शहर में सीवर लाइन की वजह से खोदाई चलने के कारण जाम लग रहा। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश देकर व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।- संजय कुमार, एसपी सिटी