शाहजहांपुर। सकट चौथ का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन माताएं व्रत रखकर संतान की दीर्घायु और सुखी जीवन की कामना करेंगी। तिल-गुड़ से आकृति बनाकर कटवाने की परंपरा भी निभाई जाएगी।
लाला तेली बजरिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी सुरेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि हर वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सकट चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और सकट माता की श्रद्धापूर्वक पूजा होती है। सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी, वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ और तिल कुटा चौथ भी कहा जाता है। इस व्रत को महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। यह व्रत बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। बताया कि सकट चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त के दौरान स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। बच्चों की लंबी उम्र के लिए सकट माता की पूजा करें। चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें और चंदन, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाकर सकट माता की पूजा करें। सकट चौथ व्रत की कथा जरूर पढ़ें और पूजा समाप्त करें।
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सकट चौथ का शुभ मुहूर्त
चतुर्थी तिथि प्रारंभ- 29 जनवरी को सुबह 6 बजकर 10 मिनट से
चतुर्थी तिथि समापन- 30 जनवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक
चंद्रोदय का समय- रात 9 बजकर 10 मिनट