रविवार को गोला रोड पर कठिना नदी के पास बाघ ने नीलगाय को अपना निवाला बना लिया। नीलगाय को मारने के बाद बाघ कुछ देर पुल के पास रूका रहा, जिससे उधर से गुजर रहे राहगीरों मे भगदड़ मच गई। गौरतलब है कि शुक्रवार रात बाघ गांव बरबटपुर के गुरदेव सिंह के फार्म पर जा पहुंचा था, बाहर सो रहे गुरदेव सिंह पर जब बाघ ने हमला करने की कोशिश की उनके कुत्ते ने बाघ पर हमला कर दिया था। बाघ ने कुत्ते को मार दिया था, जाग हो जाने और लोगों के शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया था। रविवार को बाघ एक नीलगाय का पीछा करता हुआ जंगल से बाहर निकल आया और गोला रोड पर कठिना नदी के पुल के पास नीलगाय को अपना शिकार बना लिया। बाघ को खेतों में दौड़ता देख खेतों पर काम कर रहे किसान और मजदूरों में अफरातफरी मच गई। लोग काम छोड़कर अपनी जान बचाते हुए भाग निकले। पुल के पास बाघ के होने की जानकारी पर खुटार गोला मार्ग पर कुछ देर के लिए आवागमन बंद रहा। बाघ के जंगल की ओर चले जाने पर लोगों ने चैन की सांस ली। सूचना के बाद भी वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।