निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे बाघ के हमले में घायल जितेंद्र कुमार। संवाद
खुटार। गांव महुआ पिमई में बुधवार सुबह गन्ने के खेत में घास काटने गए किसान जितेंद्र कुमार को बाघ ने हमला कर घायल कर दिया। शोर मचाने पर बाघ भाग गया।
जितेंद्र ने बताया कि बुधवार सुबह घास काटते समय गन्ने के खेत में छिपा बाघ उनके पास आ गया। आहट होने पर उन्होंने पीछे देखा तो बाघ देखकर वह शोर मचाते हुए भाग खड़े हुए। बाघ ने हमला किया लेकिन उनकी कोहनी के पास हलका सा ही पंजा लगा। जितेंद्र की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी आ गए और शोर मचाने लगे।
वनकर्मियों को सूचना देने के साथ ही जितेंद्र को गांव नरौठा देवीदास में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वन दरोगा कामता प्रसाद वर्मा ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। गन्ने के खेत में पगचिह्नों को ट्रेस किया। किसानों का कहना है कि इस समय गन्ने की सिंचाई, गुड़ाई का काम चल रहा है। मक्के की कटाई हो रही है। ऐसे में खेतों में काम करना मजबूरी है। वनकर्मी सतकर्ता बरतने की बात कहकर खिसक जाते हैं। रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वह विभागीय कार्य से बाहर हैं। वनकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। वापस पहुंचकर वह भी मामले को दिखवाएंगे।
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दो दिन में दो किसान घायल
छह जून को वन्यजीव ने घास काटते समय गांव मोहनपुर के किसान रामकुमार मिश्रा को घायल कर दिया था। वह वन्य पशु को देख नहीं पाए थे। सात जून को जितेंद्र कुमार बाघ के हमले में घायल हो गए। जितेंद्र का कहना है कि जरा सी भी चूक हो जाती तो बाघ उनकी जान ले लेता।